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अद्भुत तस्वीरें: आस्था की डुबकी, भक्ति की लहर

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देश में लाखों श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान किया। आज के दिन लोग पितृकर्म आदि करते हैं। (फोटो- पीटीआई/रामजी श्रीवास्तव)
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इलाहाबाद के गंगा घाट पर मौनी अमावस्या के द‌िन स्नान करता साधु।
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पव‌ित्र माघ महीने में द‌िल्ली के यमुना घाट पर स्नान करता श्रद्धालु।

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मौनी अमावस्या के द‌िन द‌िल्ली में यमुना में स्नान करता श्रद्धालु।
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आज के द‌िन जो लोग मौन नहीं रह सकते उन्हें प्रातः सूर्योदय से पूर्व उठकर कुछ बोलने से पहले स्नान कर लेना चाहिए। इसके बाद भगवान की पूजा करके मनु का ध्यान करना चाह‌िए।
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मौनी अमावस्या को गंगा, यमुना एवं अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने का शास्त्रों में बड़ा महात्म्य बताया गया है। इसके कारण आज गंगा के घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है।
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गंगा स्नान और दान पुण्य करने के बाद तिल से बने पदार्थों को ग्रहण कर मौन व्रत तोड़ा जाएगा। कई श्रद्धालु सूर्योदय से सूर्यास्त तक मौन रहकर साधना करते हैं।

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मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान के ल‌िए बनारस, इलाहाबाद, हर‌िद्वार के घाटों में लाखों श्रद्धालु जाते हैं।

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इस दिन मौन रहते हुए यदि किसी पवित्र नदी में स्नान किया जाए तो शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।

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शास्त्रों में बताया है कि रविवार के दिन मौनी अमवस्या हो और साथ में व्यतिपात योग एवं श्रवण नक्षत्र होने पर अर्धोदय योग बनता है। इससे नदियां, सरोवर एवं तलाब का पानी गंगाजल के समान पवित्र हो जाता है।
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माघ मास में जब सूर्य मकर राशि पर आते हैं तो उस समय प्रयाग के संगम और पवित्र गंगा आदि नदियों में तीन करोड़ दस हजार तीर्थों का समागम होता है।
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