अन्याय प्रतिकार यात्रा के दौरान आगजनी और भगदड़ के बाद गोदौलिया चौराहे पर सोमवार की शाम हजारों लोग फंस गए। इसकी जानकारी मिलने के बाद घरों से निकले युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं की खबर लेने के लिए परिजन बेचैन रहे। जिन घरों के लोग शहर में निकले थे उनकी सलामती के लिए दुआएं की जाने लगी। आगजनी-पथराव के बाद पुलिस-पीएसी के जवानों ने सड़क पर जमे उपद्रवियों को खदेड़ने का प्रयास किया तब गलियों से जवाबी ईंट-पत्थर चलने लगे। ब्यूरो/अमर उजाला,वाराणसी।
विज्ञापन
बवाल की लपटों से झुलसा काशी, पूरे शहर में मचा हाहाकार
2 of 20
इस दौरान अमर उजाला के दो छायाकारों की बाइक भी उपद्रवियों ने फूंकी डाली। इसके बाद छात्रों, मरीजों और दर्शनार्थियों और पर्यटकों का गोदौलिया, गिरजाघर, बांसफाटक, चौक और दशाश्वमेध की ओर जाना मुश्किल हो गया।
विज्ञापन
बवाल की लपटों से झुलसा काशी, पूरे शहर में मचा हाहाकार
3 of 20
लोग गलियों से होकर किसी तरह निकल सके। कोई भीड़ के बीच सड़क पर धक्कामुक्की से निकलने की कोशिश कर रहा था तो कोई गलियों में भाग कर शरण ले रहा था। हजारों लोग आसपास की गलियों में छिपे थे। तमाम महिलाओं और संतों ने भी गलियों के चबूतरों पर घंटों गुजारे।
बवाल की लपटों से झुलसा काशी, पूरे शहर में मचा हाहाकार
4 of 20
वाराणसी में प्रतिकार यात्रा पर हुए लाठीचार्ज पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने पूरे जिला प्रशासन को निलंबित के साथ ही हाईकोर्ट के जज से प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। इतना ही नहीं, भाजपा ने इस घटनाक्रम के बाद संतों को अपना समर्थन देने का एलान किया है। सोमवार को आगरा आए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने वाराणसी में हुए घटनाक्रम को शासन की विफलता बताया है।
विज्ञापन
बवाल की लपटों से झुलसा काशी, पूरे शहर में मचा हाहाकार
5 of 20
उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रतिकार यात्रा को शुरू में ही रोकने की कोशिश क्यों नहीं की गई। यात्रा जब संकरे क्षेत्र गोदौलिया में पहुंची तब जबरन उसे रोका गया और बिना चेतावनी दिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। उन्होंने वाराणसी के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित पूरे जिला प्रशासन को निलंबित करने की मांग की है।
विज्ञापन
बवाल की लपटों से झुलसा काशी, पूरे शहर में मचा हाहाकार
6 of 20
गोदौलिया पर हुए बवाल को देखते हुए वाराणसी के सभी स्कूल-कॉलेज मंगलवार को बंद रहेंगे। डीएम राजमणि यादव ने बताया कि एहतियात के तौर पर जिले के सभी स्कूल और कालेज को मंगलवार के लिए बंद किया गया है। पुलिस और प्रशासन ने समझदारी का परिचय दिया और शहर का अमनचैन बिगड़ने से बच गया। पुलिस के जवानों ने काफी धैर्य दिखाया। एक दरोगा को पीटा गया और उसकी रिवाल्वर छीन ली गई।
विज्ञापन
बवाल की लपटों से झुलसा काशी, पूरे शहर में मचा हाहाकार
7 of 20
बावजूद इसके पुलिस ने जवाबी कार्रवाई नहीं की। उधर, कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने बताया कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। जनता को किसी भी प्रकार की सूचना देनी हो तो पुलिस कंट्रोल रूम के टेलीफोन नंबर 100 नंबर पर दे सकता है।
बवाल की लपटों से झुलसा काशी, पूरे शहर में मचा हाहाकार
8 of 20
इन सूचनाओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गोकर्ण ने बताया कि प्रशासन ने सोशल मीडिया, वेबसाइट, वॉट्स एप और फेसबुक की निगरानी शुरू कर दी है। सोशल मीडिया के जरिए किसी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों की गिरफ्तारी की जाएगी।
बवाल की लपटों से झुलसा काशी, पूरे शहर में मचा हाहाकार
9 of 20
पुलिस और प्रशासन की नरमी सोमवार को उस पर ही भारी पड़ गई। संतों ने बातचीत के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से यात्रा निकालने का वादा किया था। पुलिस ने भी इसे ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां की थीं लेकिन शांति बाधित करने के अपने मंसूबे में उपद्रवी तत्व कामयाब हो गए।
बवाल की लपटों से झुलसा काशी, पूरे शहर में मचा हाहाकार
10 of 20
कहा जा रहा था कि भीड़ को जुटने का मौका न दिया गया होता तो ऐसी नौबत नहीं आती। पिछले दिनों गोदौलिया चौराहे पर प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए विवाद में भी प्रशासन ने यह गलती दोहराई थी। प्रशासन के लोग भी दबी जुबान से इस चूक को स्वीकार कर रहे हैं। अन्याय प्रतिकार यात्रा टाउन हाल से निकलते समय बीस हजार से ज्यादा लोग पहुंच चुके थे।
बवाल की लपटों से झुलसा काशी, पूरे शहर में मचा हाहाकार
11 of 20
पुलिस ने दशाश्वमेध तक रास्ता खाली करा दिया था। कहा जा रहा है कि यहीं चूक हुई। भीड़ को अगर एकजुट होने का मौका न दिया गया होता तो शायद इतना बवाल न हुआ होता। सोमवार की शाम गोदौलिया पर बवाल के दौरान कई पुलिसकर्मी भी अफसरों को कोसते नजर आए। उनका साफ कहना था कि भीड़ को जुटने का मौका दिया जाना प्रशासन की रणनीतिक चूक थी।
बवाल की लपटों से झुलसा काशी, पूरे शहर में मचा हाहाकार
12 of 20
कांग्रेस नेता रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि गणेश प्रतिमा विसर्जन के मामले में संतों-भक्तों पर लाठीचार्ज करना प्रशासनिक चूक थी। धार्मिक नगरी में पुरानी परंपराओं को लेकर साधु संतों से बातचीत की जानी चाहिए और विसर्जन के लिए रास्ता निकालना चाहिए।
बवाल की लपटों से झुलसा काशी, पूरे शहर में मचा हाहाकार
13 of 20
कांग्रेस संतों पर लाठीचार्ज का विरोध करती है। वह सोमवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। रीता जोशी ने कहा कि प्रशासन को मनमानी करने की बजाय बुद्धिमानी से विसर्जन का मार्ग निकलना चाहिए।
बवाल की लपटों से झुलसा काशी, पूरे शहर में मचा हाहाकार
14 of 20
लोकतंत्र में लाठीचार्ज अंतिम विकल्प होता है। दादरी घटना के सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा कि एक जानवर का ढांचा मिलने मात्र से गोमांस की बात कहना गलत है। अफवाह फैलाकर दंगा कराना आरएसएस, विहिप, बजरंग दल और हिंदू युवा वाहिनी जैसे सांप्रदायिक संगठनों की साजिश है। एमआईएम के नेता ओवैसी भाजपा की बी टीम के सदस्य हैं।
बवाल की लपटों से झुलसा काशी, पूरे शहर में मचा हाहाकार
15 of 20
कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव के पहले माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इन सब पर प्रधानमंत्री की चुप्पी नोटिस करने वाली है। इतनी बड़ी घटनाओं पर वे कोई ट्वीट नहीं कर रहे। कहा कि पंचायत चुनाव में इस बार कांग्रेस के समर्थित प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। 1995 के बाद कांग्रेस पंचायत चुनाव में हिस्सा ले रही है।
बवाल की लपटों से झुलसा काशी, पूरे शहर में मचा हाहाकार
16 of 20
गतिविधियों पर लगातार निगरानी के बावजूद विसर्जन विवाद के मसले पर शहर के माहौल और आम जनता के मिजाज को प्रशासन नहीं भांप पाया। लाठीचार्ज को लेकर आम जनमानस में भरे गुस्से का अंदाजा सुरक्षा एजेंसियां भी नहीं लगा सकीं। दोपहर बाद साधु-संतों के आंदोलन में उमड़े जनसैलाब से प्रशासन के रणनीतिकार चौंक गए। लेकिन, पुलिस-प्रशासन को संभलने तक का मौका नहीं मिला और हालात पलक झपकते बेकाबू हो गए।
बवाल की लपटों से झुलसा काशी, पूरे शहर में मचा हाहाकार
17 of 20
22 सितंबर की आधी रात जिस गोदौलिया चौराहे पर लोगों ने पुलिस की लाठियां खाई थीं, आज दोपहर बाद वहीं पुलिस को पीटा। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में आया है कि पुलिस से दो-दो हाथ करने की तैयारियां पहले ही कर ली गई थीं। पुलिस के खिलाफ लोग इतने आक्रामक हो जाएंगे इसका अंदाजा नहीं था।
बवाल की लपटों से झुलसा काशी, पूरे शहर में मचा हाहाकार
18 of 20
यात्रा के गोदौलिया के करीब पहुंचते ही भीड़ अचानक से पुलिस पर टूट पड़ी। जो पुलिसकर्मी जहां मिला उसे वहीं जमकर पीटा। चौराहों के पास रहने वाले लोग भी घरों से बाहर निकल आए।
बवाल की लपटों से झुलसा काशी, पूरे शहर में मचा हाहाकार
19 of 20
बाहर तैनात पुलिस कर्मियों की पिटाई की जाने लगी। लोग इतने गुस्से में थे कि वह किसी की जान भी ले सकते थे। आम जनता के गुस्से से पुलिस-प्रशासन के उच्चाधिकारी इतने हैरान थे कि कुछ करने की स्थिति नहीं बन पा रही थी।
बवाल की लपटों से झुलसा काशी, पूरे शहर में मचा हाहाकार
20 of 20
अन्याय प्रतिकार यात्रा शुरू होने के पूर्व संत समाज के लोग टाउनहाल में जुटे थे। संतों ने भाषण के जरिए लोगों को भड़काने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पुलिस और प्रशासन को सबक सिखाने का एलान भी खुलेआम हुआ।