नवरात्र के मौके पर गाजियाबाद की महागुनपुरम सोसाइटी में मां दुर्गा की भव्य झांकी सजाई गई है। इन दिनों पूरी सोसाइटी भक्ति भाव में डूबी हुई है। रोज सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया है।
(तस्वीरें सौजन्य: संजीव सिंह पटवाल)
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रुक्मणि के संग चले कन्हाई, भामा को यह बात न भायी, तस्वीरें
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इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया जिसमें कलाकारों ने मां के कई रूपों और उनकी महिमा का मंचन किया। एक कलाकार मां काली के रूप को धारण किए हुए।
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मां काली असुरों का संहार करने वाली देवी हैं। मां दुर्गा ने रक्तबीज जैसे असुर का संहार करने के लिए इस रूप को धारण किया था। यह उनका रौद्र रूप है।
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इस कार्यक्रम में श्रीकृष्ण लीला का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न कलाकारों ने अपने अभिनय से सबको भावविभोर कर दिया।
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बांकेबिहारी के प्रति रुक्मणि और सत्यभामा की आसक्ति को दिखाता एक दृश्य।
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श्रीकृष्ण लीला के दौरान श्रीकृष्ण-सुदामा के मिलन का भी मंचन किया गया।
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श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन के दौरान सुदामा को अपने गले से लगाए भगवान श्रीकृष्ण। इन दोनों की यह कहानी मित्रता की एक नई परिभाषा का चित्रण करती है।
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इस कार्यक्रम में कई कलाकारों ने कई किरदारों की सजीव भूमिका निभाई।
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इस कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों माता की महिमा को याद किया और उनसे प्रार्थना भी की।