दिल्ली में जलियांवाला बाग नाटक का मंचन हुआ। इस नाटक को दिल्ली संस्कृत संस्थान ने आयोजित किया था। नाटक भी संस्कृत में रखा गया था।
विज्ञापन
संस्कृत में हुआ जलियांवाला बाग का मंचन
2 of 11
ब्रिटिश शासन के दौरान पारित रॉलेट एक्ट के विरोध में जलियांवाला बाग में आम सभा हुई थी। इसी के एक दृश्य में अपनी बात रखता एक वक्ता।
विज्ञापन
संस्कृत में हुआ जलियांवाला बाग का मंचन
3 of 11
सभा को भंग करने के लिए जनरल डायर ने 90 सैनिकों को निहत्थे लोगों पर गोलीबारी का आदेश दिया। इसके बाद भगदड़ हुई, जिसमें कई लोग मारे गए। इस दृश्य को मंच पर बखूबी अभिनीत किया गया।
संस्कृत में हुआ जलियांवाला बाग का मंचन
4 of 11
जलियांवाला बाग की सभा में मौजूद बहुत से लोग मारे गए थे। कई लोगों ने गोलीबारी से बचने के लिए बाग में मौजूद एक कुएं में छलांग लगा दी थी।
विज्ञापन
संस्कृत में हुआ जलियांवाला बाग का मंचन
5 of 11
संस्कृत नाटक के संवादों का हिंदी रुपांतरण प्रोजेक्टर पर साथ साथ दिखाया जा रहा था।
विज्ञापन
संस्कृत में हुआ जलियांवाला बाग का मंचन
6 of 11
संस्कृत नृत्य नाटिका आम्रपाली में मगध सम्राट अजातशुत्रु का किरदार निभाता कलाकार। अजातशत्रु वैशाली पर हमला कर उसे अपने राज्य में मिलाना चाहते थे।
विज्ञापन
संस्कृत में हुआ जलियांवाला बाग का मंचन
7 of 11
आम्रपाली और अजातशत्रु, अपने देश का घायल सैनिक समझ आम्रपाली ने उनकी सेवा की थी और दोनों में प्रेम हो गया था।
संस्कृत में हुआ जलियांवाला बाग का मंचन
8 of 11
बुद्ध अपनी शिष्या आम्रपाली को जीवन का रहस्य समझाते हुए।
संस्कृत में हुआ जलियांवाला बाग का मंचन
9 of 11
आम्रपाली की निर्देशिका नीलाक्षी राय एक भावपूर्ण मुद्रा में।
संस्कृत में हुआ जलियांवाला बाग का मंचन
10 of 11
व्यथित आम्रपाली अपने देश का विनाश देखकर दुखी है। उन्होंने वैराग्य ग्रहण कर बौद्ध धर्म अपना लिया था।