इसे इत्तेफाक कहें या फिर लोगों की बदसलूकी लेकिन कांग्रेस नेता नगमा के साथ अमूमन जो कुछ भी होता है, उसे कहीं से भी सही नहीं ठहराया जा सकता। कभी किसी विधायक ने चूम लिया, तो कहीं उनका दुपट्टा अटक गया। बीते दिनों बिहार चुनाव के दौरान भी भीड़ उन्हें देख कर हंगामा करने लगी थी और उनकी सभा 5-7 मिनट में ही खत्म हो गई थी। तो आईए बताते हैं आपको नगमा के साथ हुई कुछ घटनाओं के बारे में जिसकी वजह से कई बार वो सार्वजनिक रूप से गुस्सा हुईं तो कई बार उन्होंने इसे इत्तेफाक मानकर टाल दिया।
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नगमा के साथ ऐसा क्यों होता है, तस्वीरों में देखें इत्तेफाक
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हाल का मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ का है। जहां वे कांग्रेस के ‘सद्भाव बढ़ाओ अभाव मिटाओ’ पदयात्रा में हिस्सा लेने गई थी, लेकिन इस दौरान वो अव्यवस्था का शिकार हो गईं। हुआ कुछ यूं की रैली के दौरान शहीद स्मारक पर अव्यवस्था के चलते नगमा का दुपट्टा भीड़ में कहीं अटक गया। इस घटना से नगमा खासी नाराज हो गई। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी वहीं मौजूद थे।
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बीते माह संपन्न हुए बिहार चुनावों में भी प्रचार के लिए मोतिहारी पहुंची अभिनेत्री और कांग्रेस नेता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ना था जिस वजह से वो सभा को केवल 5 से 7 मिनट तक ही संबोधित कर पाई थीं। दरअसल मोतिहारी के जिस स्कूल में सभा का आयोजन कराया गया था वहां नगमा को देखने के लिए काफी भीड़ उमड़ आई थी।
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दरअसल, मोतिहारी की इस सभा में नगमा के होने से वहां मौजूद भीड़ मंच के काफी करीब आ गई थी। नगमा उस चुनावी सभा में समय से 1 घंटा लेट पहुंची और उनके पहुंचते ही भीड़ का उत्साह बढ़ गया था।
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एक बार फिर हम आपको यूपी के मेरठ की घटना से रुबरू कराएंगे जहां देहली गेट थाने के जलीकोठी इलाके में वो मार्च 2014 में अपनी सभा संबोधित कर रही थी जहां वो खुद लोकसभा प्रत्याशी थी। इस दौरान एक युवक ने उनके साथ छेड़खानी करने की कोशिश की जिस पर उन्होंने उस युवक को थप्पड़ मार दिया। युवक को थप्पड़ मारने के बाद भी जब मामला शांत नहीं हुआ तो नगमा को मंच से जाना पड़ा था। (लाल घेरे में तमाचा मारती हुई नगमा)
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इस बार नगमा मध्य प्रदेश के भोपाल में प्रत्याशी पीसी शर्मा में धक्का मुक्की का शिकार हो गईं जब वो 2014 के लोकसभा चुना के बाद वहां एक सभा करने गई थी। अपने साथ हुई धक्का मुक्की से क्षुब्ध नगमा बीच में ही कार्यक्रम छोड़ कर चली गई थीं। (सभा की तस्वीर)
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उत्तर प्रदेश में 2010 के विधानसभा चुनावों में चुनाव प्रचार करते हुए उनके साथ छेड़खानी हुई। वो बिजनौर के बरहापुर सीट से हुसैन अहमद के समर्थन में सभा करने आई थी। खुद अंसारी ने ही माला पहनाते वक्त उनके कंधे पर अपना हाथ रखने की कोशिश की जिसे नगमा से हटा दिया। लेकिन अंसारी यहीं नहीं रुके बल्कि मंच से ही नगमा के आंख और बालो की तारीफ करने लगे थे। (उसी सभा की एक तस्वीर)
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इन सब के बीच हद तो तब हो गई जब एक कांग्रेसी विधायक गजराज सिंह ने यूपी के ही मेरठ में एक काफिले के दौरान उन्हें सैंकड़ो लोगों के बीच चूम लिया। ऐसा करने पर नगमा ने तुरंत उनका हाथ झटक दिया। हालांकि नगमा और विधायक दोनों इस बात से इंकार करते रहे लेकिन तब तक इसका वीडियो वायरल हो चुका था। (उसी काफिले की एक तस्वीर)
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यूं तो नगमा ने कई बार इन सब घटनाओं को टाल दिया लेकिन दब अपने ही पार्टी के दफ्तर में उनके साथ छेड़छाड़ हुई तो वो उसे बर्दाश्त नहीं कर पाईं। दरअसल नगमा, छत्तीसगढ़ में रायपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय गई थीं, जहां उनके साथ छेड़छाड़ की गई तो वो इस पर खूब भड़की और कांग्रेस के नेताओं को भी खूब सुनाया था।