भारतीय सेना ने अपने फेसबुक पेज पर चीनी शहर कुनमिंग में चल रहे भारत-चीन संयुक्त युद्घाभ्यास 'हैंड इन हैंड-2105' की ताजा तस्वीरें शेयर की हैं। तस्वीरों में दोनों मुल्कों की सेना के जवान आपसी सामंजस्य का अद्भुत नजारा पेश कर रहे हैं। भारत-चीन के युद्घाभ्यास पर पश्चिमी मुल्कों की भी निगाह है।
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चीनी शहर में डटे 175 भारतीय जवान, दुनिया चकित
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भारत और चीन का युद्घाभ्यास 12 अक्टूबर को शुरू हुआ था। 10 दिवसीय अभ्यास का समापन 22 अक्टूबर को होगा। ये आतंकवाद निरोधी संयुक्त सैन्य अभ्यास है।
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सैन्य अधिकारियों का कहना है कि संयुक्त सैन्य अभ्यास से दोनों सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, संचार और सहयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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भारत ने पूर्वी कमांड की नगा रेजिमेंट की दूसरी बटालियन के 175 जवानों को पहली बार संयुक्त सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेने के लिए चीन भेजा हैं।
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वहीं, इस संयुक्त सैन्य अभ्यास में चीन की 14 कोर चेंगदू मिलिट्री रीजन के 175 जवान हिस्सा ले रहे हैं।
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चीनी सेना के ये जवान भारतीय सीमाओं पर निगरानी रखते हैं। यह दोनों सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास का यह पांचवां दौर है।
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सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि सैन्य अभ्यास का मकसद भारत और चीनी सेनाओं की संयुक्त अभियान क्षमता को विकसित करना, आतंकवाद से निपटने के अभियानों के अहम अनुभवों को साझा करना और दोनों देशों की सेनाओं के बीच मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।
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भारत और संयुक्त सैन्य अभ्यास पर पश्चिमी मीडिया ने आश्चर्य जताया था। उस समय चीन की ओर से कहा गया था कि चीन के मुताबिक दोनों सेनाओं के बीच अतीत में हुए टकरावों को देखते हुए पश्चिमी मीडिया इस पर आश्चर्य जता रहा है।
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चीनी मीडिया ने पश्चिमी मीडिया के आश्चर्य को गैरजरूरी बताते हुए कहा है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर दोनों सेनाओं के बीच जो भी टकराव हुए थे, वह सिर्फ आकस्मिक थे।