गुजरात के अमरेली ज़िले में पिछले हफ्ते आई बाढ़ का पानी उतर गया है। अमरेली में आई कुदरती आपदा में 70 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कई लोग और जानवर बाढ़ के बाद खेतों में जमा मिट्टी की गाद में दब गए। पूरी रिपोर्ट-अंकुर जैन/अमरेली से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
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तस्वीरें: ऐसी बाढ़ जिस में बह गए पुल और सड़कें
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ये तस्वीर अमरेली के सनोसारा गांव की है। गांव को अमरेली के बाकी गांवों से जोड़ने वाली ये पुलिया बाढ़ में पूरी तरह टूट गई है।
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तनोसरा गांव का ही एक नजारा। करीब 20 मीटर ऊंची लहरों वाली बाढ़ ने यहां खूब तबाही मचाई।
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लिलिया तालुका का एक गांव जहां पूरा खेत बाढ़ के पानी में डूब गया। तस्वीर में खेतिहर, मज़दूर ट्यूबवेल पाइप ढोते दिखाई दे रहे हैं। बाढ़ में ये ट्यूबवेल टूट गए थे। खिजारिया गांव के एक खेत में फ़सल पूरी तरह बर्बाद हो गई। आमतौर पर अमरेली पीने और खेती के पानी की सख़्त किल्लत वाला इलाक़़ा माना जाता है लेकिन सौराष्ट्र में भारी बारिश के बाद से यहां की सूरत बदल गई।
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ये लिलिया गांव का रेलवे पुल है। ये पुल यहां से बाबापुर गांव को जाता है। पटरी के नीचे पत्थर का पुल टूट गया है।
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ये सनोसारा गांव के खेतिहर मजदूर हैं। इनका सबकुछ लुट चुका है। खेत पानी में डूब जाने से पूरी फसल ख़त्म हो चुकी है।
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गांव वेरावल से दासा जाने वाली रेलवे लाइन उखड़ चुकी है।
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गांव के बिजली के खंभे भी टूट कर जमीन पर गिर गए हैं।