किसी की तारीफ करना या खुशामद करना आसान नहीं होता। खुशामद भी एक कला होती है। ऐसे लोग हमारी राजनीति में खूब पाए जाते हैं। चलिए आपको भारतीय राजनीति के चापलूों के बारे में बताते हैं जो अपनी चापलूसी के लिए मशहूर रहे।
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चापलूसी की राजनीति, जब एनडी ने उठाई संजय की चप्पल
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मायावती और पद्म सिंह- औरेया दौरे के दौरान हेलिकॉप्टर से उतरने के बाद मायावती के निजी सुरक्षा अधिकारी पद्म सिंह ने मैडम के जूतों पर धूल देखी तो उन्होंने अपना रूमाल निकालकर उसे साफ किया था। हालांकि बाद में उन्होंने इस पर काफी सफाई भी दी थी।
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चापलूसी की राजनीति, जब एनडी ने उठाई संजय की चप्पल
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चरनदास महंत और सोनिया गांधी- चरनदास महंत छत्तीसगढ़ की राजनीति का एक परिचित चेहरा है। साल 2013 में कांग्रेस की तरफ से छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाए जाने के बाद उन्होंने यह तक कह डाला था कि अगर सोनिया गांधी मुझसे कहेंगी कि आप झाड़ू उठाइए और छत्तीसगढ़ के कांग्रेस मुख्यालय को साफ कर दें तो मैं वो भी कर दूंगा।
चापलूसी की राजनीति, जब एनडी ने उठाई संजय की चप्पल
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रमेश भावे और राहुल गांधी- गांधी परिवार के प्रति वफादारी और चमचागिरी का आलम अब तक जारी है। साल 2010 में घाटकोपर ईस्ट के रमाबाई नगर में अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण के दौरान महाराष्ट्र के तात्कालीन मंत्री रमेश भावे ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के जूते अपने हाथ में उठा लिए थे।
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कैलाश विजयवर्गीय-कैलाश विजय वर्गीय मध्यप्रदेश की राजनीति का एक जाना माना नाम है। साल 2013 में टिकट वितरण के संबंध में उन्होंने यह तक कह डाला था कि मैं पार्टी नियमों का पालन करूंगा और अगर पार्टी चाहेगी तो मैं पार्टी कार्यालय के फर्श पर पोछा तक लगा दूंगा।
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नरेंद्र मोदी और किरण बेदी- पूर्व आईपीएस ऑफिसर और भाजपा नेता किरण बेदी ने हालिया चुनाव अभियान के दौरान कहा था कि भाजपा के पास नरेंद्र मोदी के रूप में इस वक्त दुनिया का सबसे खूबसूरत चेहरा है, नरेंद्र मोदी जी और उनका नेतृत्व है। इसके बाद हम सब तो सितारे हैं जो उनके चारो ओर घूम रहे हैं।
एनडी तिवारी और संजय गांधी- भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित नाम एन डी तिवारी भी चापलूसी के लिए मशहूर थे। एक बार तो उन्होंने संजय गांधी के स्लीपर (चप्पल) तक अपने हाथों में थाम लिए थे।