अमेरिका पाक को F-16 लड़ाकू विमान बेचने की तैयारी कर रहा है और भारत भी राफेल लड़ाकू विमान खरीद सकता है। जानिए राफेल और F-16 की ताकत और कमोरियां।
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पाक के अमेरिकी हथियार पर भारी पड़ेगा इंडिया का फ्रांस फाइटर
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पहले बात करते हैं F-16 लड़ाकू विमानों की, जिन्हें लोकहीड F-16 फाइटिंग फाल्कन ने नाम से भी जाना जाता है। ये विमान अमेरिका की कंपनी लोकहीड मार्टिन बनाती है।
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इस विमान की ऊचाईं 4.8 मीटर, डैनों का फैलाव 9.8 मीटर और लंबाई 14.8 मीटर है।
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लोकहीड से पहले F-16 विमानों को जनरल डायनमिक्स बनाती थी। 1976 के बाद से उसने लगभग 4500 विमान बनाए, जिन्हें अमेरिकी एयरफोर्स खरीदती थी। हालांकि अमेरिकी एयरफोर्स ने इन विमानों को खरीदना बंद कर दिया है।
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जनरल डायनमिक्स ने 1993 में एयरक्राफ्ट बनाने का काम लोकहीड कॉर्पोरेशन को सौंप दिया था। 1995 के बाद से ही लोकहीड पुराने F-16 विमानों में सुधार कर दूसरे मुल्कों को बेचती है।
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ये विमान अमेरिका के अलावा इस्राइल, तुर्की, पाकिस्तान और इजिप्ट के पास हैं।
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अमेरिका द्वार पाकिस्तान को F-16 विमान बेचे जाने का खबरों के बीच भारत में रक्षा मंत्रालय की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने राफेल विमानों की खरीदी का सहमति दे दी है।
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राफेल लड़ाकू विमानों को फ्रांस की कंपनी दासो एवियेशन बनाती है। भारत लंबे समय से इन विमानों खरीदने की कोशिश में है। हालांकि विभिन्न कारणों से विमान की खरीद अटकी हुई है।
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ये विमान 5.30 मीटर ऊंचे हैं इनके डैनों का विस्तार 10.90 मीटर और लंबाई 15.30 मीटर है।
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ये विमान के फ्रांस और इजिप्ट के पास है, जबकि भारत, फिनलैंड और कतर इसे खरीदना चाहते हैं।