ताजमहल से महज 50 मीटर दूर बालाजी हैंडीक्राफ्ट शोरूम में सोमवार शाम शार्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। अग्निकांड से ताजमहल आने-जाने वाले सैलानियों में दहशत फैल गई। इस आग का काला धुआं ताजमहल तक पहुंचता रहा। शिल्पग्राम पर खड़ी रहने वाली फायर बिग्रेड की गाड़ी को पूर्वी गेट पर आने में एक घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया। शोरूम पूरी तरह से राख हो गया। (अमर उजाला ब्यूरो, आगरा)
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जब काले धुएं से घिरने लगा ताजमहल, मची अफरा-तफरी
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भीषण लपटों के चलते पड़ोसी दुकानदारों ने भी अपने शोरूम से सामान बाहर निकाल लिया। ताजमहल पूर्वी गेट पर केवी गुप्त इंटर कालेज से सटा सुभाष गुप्ता, राजेश गुप्ता का शोरूम है। इसका संचालन सईद कर रहे हैं। बालाजी हैंडीक्राफ्ट के नाम से संचालित शोरूम में मार्बल इनले, जरदोजी समेत हैंडीक्राफ्ट था। शाम को आग में यह सब राख हो गया। तेजी से फैली आग ने शोरूम की तीनों दुकानों को चपेट में ले लिया।
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जब काले धुएं से घिरने लगा ताजमहल, मची अफरा-तफरी
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एक घंटे देरी से पहुंची फायर बिग्रेड ने आग पर काबू पाया, तब तक काला धुआं ताजमहल पर कालिख जमा कर चुका था। अग्निकांड में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। होटल ताज खेमा के सामने फायर हाइडेंट प्वाइंट लगाया गया था, लेकिन यह महज शोपीस ही निकला। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मॉडल दिखाने के दौरान बीते साल अक्तूबर में इसे लगाया गया था।
जब काले धुएं से घिरने लगा ताजमहल, मची अफरा-तफरी
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आग के दौरान लोगों ने अपने सबमर्सिबल पंप से पानी चलाकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि सड़क के दूसरी ओर लपटों के चलते लोग खड़े नहीं हो पा रहे थे। पांच साल पहले फायर बिग्रेड ने गैसोलीन के संभावित ब्लास्ट से बचने के लिए 10 हाइडेंट प्वाइंट बनाने की मांग की थी।
पूर्व सीएफओ केके अग्रवाल ने मुख्यालय को ताजगंज में एक हजार लीटर फोम, चार फोम मानीटर्स और 1620 एलपीएम को बैटरी चालित पंप का प्रस्ताव भेजा था। हैरत ये है कि पांच साल में भी ताजमहल के पास सेंसिटिव जोन होने पर भी प्रस्ताव पर ध्यान नहीं दिया गया। आग लगने पर हाइडेंट प्वाइंट्स तलाशे जाते रहे।