छह माह में तीन बार भूकंप के झटके झेल चुकी सुहागनगरी के बाशिंदे अब 26 तारीख से घबराने लगे हैं। 26 अप्रैल के बाद एक बार फिर 26 अक्तूबर को आए भूकंप ने लोगों को आपदाओं की याद दिला दी। आपदाएं भी ऐसी कि जिनके जेहन में आने से ही रूह कांप उठे। अमर मणि त्रिपाठी/अमर उजाला, फीरोजाबाद।
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खतरनाक है 26 तारीख, इसी दिन आती हैं अधिकांश प्राकृतिक आपदाएं!
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सोमवार को भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर एक मैसेज शेयर किया गया। मैसेज में बताया गया है कि अधिकांश भूकंप अथवा प्राकृतिक आपदाएं 26 तारीख को ही आईं। इस मैसेज में सिलसिलेवार घटनाओं का जिक्र किया गया है।
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खतरनाक है 26 तारीख, इसी दिन आती हैं अधिकांश प्राकृतिक आपदाएं!
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यदि वास्तव में आंकड़ों पर गौर किया जाए तो अधिकांश प्राकृतिक आपदाएं 26 तारीख अथवा उसके आसपास ही हुई इन आपदाओं में सर्वाधित जनहानि हुई। गुजरात भूकंप (26 जनवरी 2001), हिंद महासागर में सुनामी (26 दिसंबर 2004) बड़ी घटनाएं हैं।
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वहीं इसी साल नेपाल में भूकंप 25 अप्रैल को आया। वहीं 28 जुलाई 1976 में चीन में भूकंप आया था। 25 अक्टूबर 2010 को इंडोनेशिया के मेंतावाई में सुनामी आई थी। यह सभी प्राकृतिक आपदाएं भयावह थी और इनमें हजारों लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। संयोग की बात है कि 2008 में मुंबई में हुआ हमला भी 26 को यानि 26 नवंबर को हुआ। वहीं 6 जुलाई 2005 में भारी बारिश के कारण मुंबई में चहुंओर पानी ही पानी नजर आया। इंडोनेशिया में 26 अगस्त 1883 को कराकोटा ज्वालामुखी के फटने से 36 हजार लोगों की जान गई।
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इंडोनेशिया के ही तासिक में 26 जुलाई 2010 को 6.3 तीव्रता का भूकंप आया। तुर्की के एरिनजिकान में 27 दिसंबर को भूकंप आया था और इसमें 8000 लोग काल के गाल में समा गए। इंटरनेट पर मौजूद जानकारी के अनुसार हिब्रू मान्यता के अनुसार 26 ईश्वर का अंक है। इसके अनुसार ईश्वर की गलत पूजा करने वाले लोगों को इस दिन सजा दी जाएगी। ईश्वर बहुत सारे लोगों को बचाने के लिए कुछ लोगों को कुचलेगा।