एआईएडीएमके की प्रमुख जयललिता को सजा होने के बाद सोमवार को उनके करीबी और विश्वासपात्र पनीर सेल्वम ने एक बेहद भावुक माहौल में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सेल्वम के साथ 30 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली।
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पहली बार किसी सीएम ने रोते हुए ली शपथ, तस्वीरें
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लेकिन इस बेहद भावुक शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल के रोसैया के शपथ दिलाते समय सेल्वम समेत सभी मंत्री रोते हुए देखे गए।
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आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी करार दिए जाने और चार साल की सजा होने के कारण जयललिता को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा है। वह अभी बंगलूरू की जेल में बंद हैं। शपथ लेने से पहले पनीर सेल्वम ने जया के प्रति अपनी वफादारी दिखाते हुए उनकी एक छोटी तस्वीर सामने रखी और उसके बाद शपथ ली। शपथ लेते वक्त उनकी आंखों से आंसू टपक रहे थे।
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कुछ ऐसा ही हाल शपथ लेने वाले अन्य मंत्रियों का था। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के शपथ लेने के बाद वहां न तो ताली बजी और न ही किसी ने किसी को बधाई दी।
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वर्ष 2001 में कुछ ऐसी ही स्थिति में पनीरसेल्वम ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी। उस वक्त जया को तांसी भूमि घोटाले में दोषी ठहराए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री पद पर उनकी नियुक्ति को अवैध करार दिया था।
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पनीरसेल्वम ने अपने मंत्रिमंडल में जयललिता सरकार के सभी मंत्रियों को शामिल किया है। उन्होंने उनके विभाग में भी कोई बदलाव नहीं किया है। मुख्यमंत्री ने गृह और वित्त के अलावा कुछ अन्य अहम मंत्रालय अपने पास रखे हैं। शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री वरिष्ठ सहयोगियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बंगलूरू रवाना हो गए।
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मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले पनीरसेल्वम ने खासतौर पर मुख्यमंत्री के लिए बने चैंबर में नहीं घुसने का फैसला किया है। वह सचिवालय में अपने मंत्री ऑफिस से ही कार्य करेंगे।
जयललिता के कैबिनेट में पनीरसेल्वम वित्त मंत्रालय संभाल रहे थे और मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वित्त और गृह विभाग उनके पास है। वर्ष 2001 में भी छह माह तक मुख्यमंत्री रहने के दौरान पनीरसेल्वम जयललिता की कुर्सी पर नहीं बैठे थे।