स्त्रियों के खिलाफ होने वाले अत्याचार या अपराध में पुरुष संलिप्त होते हैं। हालांकि कई कथित नारीवाद समर्थक किसी एक पुरुष के कुकर्मों के लिए सभी पुरुषों को जिम्मेदार ठहरा देते हैं या देती हैं। मीडिया कंपनी मिंटिफाइड ने ऐसी सोच में तब्दीली लाने के लिए ही सोशल मीडिया में #BlameOneNotAll अभियान चलाया है। हालांकि अभियान के संदेशों की तारीफ के बजाय सोशल मीडिया में आलोचना हो रही है।
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सब मर्द गंदे नहीं होते, पढ़ें इन लड़कियों के निजी अनुभव
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मिंटिफाइड के पोस्टर देखकर आप तय करें कि ये संदेश उचित हैं या अनुचित? हालांकि सोशल मीडिया में कहा जा रहा है कि यदि कोई पुरुष किसी महिला पर अत्याचार नहीं करता तो वह तारीफ का पात्र नहीं हो जाता, ये एक सामान्य बात है और ऐसा उन्हें होना ही चाहिए।
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मिंटीफाइड ने ये सभी पोस्टर अपने फेसबुक पेज पर शेयर किए हैं और लिखा है कि महिलाओं को बुरे हालात से गुजरना पड़ता है, लेकिन सभी पुरुषों पर आरोप लगाना ठीक नहीं है।
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#BlameOneNotAll कैंपेन के इस पोस्टर पर लिखा है कि मेरा ड्राइवर मुझे रात 11 बजे भी पिक करता है तो भी मैं उसके साथ सुरक्षित महसूस करती हूं। ऐसे ही कई संदेश पोस्टर में दिए गए हैं।
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फेसबुक पर कंपनी ने लिखा है कि सभी मर्द बलात्कारी नहीं हैं। सभी पत्नी पर अत्याचार नहीं करते। सभी महिलाओं का शोषण नहीं करते।
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टि्वटर पर कैंपेन की आलोचना करते हुए जेसिका एल्गॉट ने लिखा है कि ये संदेश दरअसल एक मर्द की तारीफ इसलिए कर रहे हैं कि वह बलात्कारी नहीं है। मर्दों को ऐसा संरक्षण क्यों?
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ये पोस्टर पढ़िए। इस पर लिखा है कि मैं अपने चचेरे भाई के साथ खूब शराब पीती हूं, लेकिन वह मुझसे दुर्व्यवहार नहीं करता।