पूर्वी भारत के राज्य असम में ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों में आई बाढ़ से 15 ज़िले प्रभावित हैं। बाढ़ से क़रीब नौ लाख लोग प्रभावित हुए हैं। मोरीगांव ज़िले में बाढ़ के पानी में अपने जानवरों के साथ तैरता एक बच्चा। वह इन जानवरों को किसी सुरक्षित स्थान की ओर ले जा रहा है।
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बाढ़ में डूबती उम्मीदें, देखिए तस्वीरें
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मोरीगांव ज़िले के एक गांव में बांस से बनाए गए पुल से होकर पढ़ने जाते स्कूली बच्चे और अन्य लोग।
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बाढ़ की वजह से लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसमें पीने के पानी की समस्या प्रमुख है। एक हैंडपंप से पानी लेने जाता एक व्यक्ति।
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खाना पकाने के लिए ईंधन का काम करने वाली सूखी लकड़ियां लेकर बाढ़ के पानी से होकर जाती एक महिला।
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बाढ़ की वजह से लोगों के आने-जाने के लिए नाव ही सहारा है। मोरीगांव ज़िले में नाव में सवार होकर अपने गंतव्य की ओर रवाना होते लोग।
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बाढ़ प्रभावित लोगों ने अपने बचे-खुचे सामान और जानवरों के साथ अस्थायी झोपड़ियों में शरण ली है। ऐसी ही एक झोपड़ी में बकरी के साथ बैठा एक बच्चा।
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बाढ़ प्रभावित इलाकों में बीमारियां भी फैल रही हैं। मोरीगांव के सागोलकाटा गांव में बाढ़ से घिरे अपने घर में बीमार बच्चे के साथ बैठी एक महिला।
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बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोग अपना बचा-खुचा सामान समेटने में जुटे हैं। ऐसा ही एक व्यक्ति अपने हैंडपंप को सुरक्षित ले जाता हुआ।
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गुवाहाटी से 77 किलोमीटर दूर आसीगढ़ गांव में बाढ़ से घिरे अपने घर में पानी में खड़े होकर खाना बनाती एक लड़की।
बाढ़ का पानी काजीरंगा नेशनल पार्क में भी घुस गया है। इस वजह से वहां के जानवर ऊंची जगहों की ओर जा रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग से जा रहे एक जंगली हाथी को देखते लोग।