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दोबारा भाजपा के 'शाह' चुने गए अमित शाह

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2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाने में अहम रणनीतिकार रहे अमित शाह की आज दोबारा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर ताजपोशी हो गई।
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दोबारा भाजपा के 'शाह' चुने गए अमित शाह

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इस पद के लिए अमित शाह ने केंद्रीय संगठन चुनाव अधिकारी अविनाश राय खन्ना के सामने नामांकन किया। इसके बाद निर्विरोध रूप से अमित शाह के अध्यक्ष चुने जाने के बाद उनकी ताजपोशी का औपचारिक ऐलान कर दिया गया।
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इससे पहले शनिवार को अलग-अलग राज्यों से आए नेताओं ने संगठन महामंत्री रामलाल के समक्ष उपस्थित होकर शाह के पक्ष में नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर किए।

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ताजपोशी के वक्त पार्टी शासित सभी मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के ज्यादातर मंत्री उपस्थित थे। सभी वरिष्ठ राज्यस्तरीय नेताओं और प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने दिल्ली में शनिवार से ही डेरा डाल लिया था।
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अध्यक्ष पद पर शाह का यह अपना पहला कार्यकाल है। वे पूरे तीन वर्ष के लिए अध्यक्ष चुने गए हैं। इससे पहले मई 2014 में उन्हें राजनाथ सिंह के बचे कार्यकाल को पूरा करने के लिए अध्यक्ष बनाया गया था। तब इस पद पर पहुंचने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी नजदीकी और लोकसभा चुनाव के दौरान उत्तरप्रदेश से आए आश्चर्यजनक परिणामों ने अहम भूमिका निभाई थी।
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उनके डेढ़ साल के कार्यकाल में भाजपा ने कई बड़ी ऊंचाईयों को छूआ है। उनके कुशल नेतृत्व में भाजपा को महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड और जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव में अपार जीत मिली तो दिल्ली और बिहार की हार ने जायका भी बिगाड़ा।
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बावजूद उसके उनके संगठन क्षमता की ही मिशाल है कि प्राथमिक सदस्यता के मामले में भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी बनी। निर्विरोध रूप से अध्यक्ष चुने जाने के बाद शाह अब दोबारा से अपनी पारी की शुरुआत करेंगे।
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उम्मीद जताई जा रही है कि दूसरी पारी में शाह पहले से ज्यादा परिपक्व नजर आएंगे। इसका असर उनकी टीम पर भी दिखेगा। पहली पारी में उनके नेतृत्व में भाजपा बेहद आक्रामक नजर आई।
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