विदेशों में अपने अजीबोगरीब फैसलों के चलते कुछ जजों ने कानून को बच्चों का खेल बना डाला। जानिए कैसे कैसे फैसले दे डाले उन्होंने।
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सिरफिरे जज: कानून को बना डाला बच्चों का खेल
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अमेरिका ने एक डेनियल रोजक जज ने अदालत में बैठे एक व्यक्ति को केवल इसलिए छह माह की जेल की सजा सुनाई क्योंकि उक्त व्यक्ति ने अदालत में जम्हाई लेने की गुस्ताखी की थी। सुनवाई के बीच शायद जज साहब जम्हाई से डिस्टर्ब हुए होंगे जो उन्होंने आरोपी क्लिफटन विलियम्स को छह माह के लिए जेल भेज दिया।
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सिरफिरे जज: कानून को बना डाला बच्चों का खेल
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अमेरिका के ओहियो में एक जज ने अदालत में बैठे एक शख्स के मुंह पर टेप लगवा दी क्योंकि वो लगातार बोल बोल कर सुनवाई को बाधित कर रहा था। जज स्टीफन बैल्डन लूट के एक मामले की सुनवाई कर रहे थे और एक संदिग्ध आरोपी से सवाल जवाब चल रहे थे। इस बीच सामने बैठे हैरी ब्राउन ने बोला कि सरकार द्वारा उसके लिए निर्धारित वकील सही से तैयारी करके नहीं आया है। इसी बात से खफा होकर जज बैल्डन ने हैरी के मुंह पर टेप लगवा दी।
सिरफिरे जज: कानून को बना डाला बच्चों का खेल
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लुडलो प्रांत में एक जज ने आरोपी को फोन पर ही जेल की सजा सुना डाली। दरअसल दिवालिया हो चुका आफताब अहमद वित्तीय मामलों में धोखाधड़ी का जुर्मकबूल कर चुका था और अंतिम फैसले के लिए कोर्ट आ रहा था। आफताब जब ट्रेफिक जाम में फंस गया तो उसने अपने वकील को फोन पर कहा कि वो लेट हो जाएगा। वकील ने जब जज को ये बात बताई तो जज ने अगली सुनवाई की डेट तय करने की बजाय फोन पर ही आफताब को जेल की सजा सुना दी।
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फ्लोरिडा में एक जज ने कोर्टरूम में बैठी अपनी स्टेनोग्राफर को इसलिए जेल भेज दिया क्योंकि वो अदालत में धीमी टाइपिंग कर रही थी।
रेप के एक मामले की सुनवाई कर रहे जज चार्ल्स ग्रीन ये देखकर बौखला उठे कि स्टेनोग्राफर एनी मार्गरेट सुनवाई की स्क्रिप्ट को धीमा लिख रही है। जज ने इसे कोर्ट की अवमानना मानते हुए एनी को जेल भेज दिया। बाद में एनी ने अपनी गलती मानते हुए कहा कि वो जेल भुगतने के लिए तैयार है लेकिन घर पर उसके तीन छोटे बच्चों की देखभाल कौन करेगा, जज ये सुनिश्चित करें। तब जज ग्रीन ने एनी को जेल से रिहा करवाकर उसे घर में ही नजरबंद किया। एनी की नजरबंदी तब तक रही जब तक डेढ़ हजार पेजों को टाइप नहीं किया।
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कनाडा में एक मजिस्ट्रेट ने सार्वजनिक तौर पर शराब पीने के कारण खुद को ही दोषी मानते हुए खुद को जुर्माना लगा दिया। अपनी तरह के इस अजूबे मामले में फ्रांसिस इवेन ने शराब पीने के अगले दिन कोर्ट में आकर खुद को ही जुर्माना लगा दिया। मजेदार बात ये रही कि बाद में फ्रांसिस ने खुद ही नोट लिखा कि 'फ्रांसिस के अच्छे व्यवहार के चलते उस पर लगाया जुर्माना माफ किया जाता है।'
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अमेरिका में एक जज ने एक फोन की घंटी बजने के बाद अदालत में बैठे सभी 46 लोगों को ही जेल की सजा सना दी। दरअसल न्यूयार्क में एक केस की सुनवाई के दौरान जज को फोन की घंटी सुनाई दी। जज ने पूछा कि कौन व्यक्ति अदालत में फोन लेकर आया है। जब काफी पूछने पर भी किसी ने मुंह नहीं खोला तो जज ने अदालत में बैठे सभी 46 लोगों को जेल भेजने का फरमान जारी कर दिया।
अमेरिका के न्यूयॉर्क में सुप्रीम कोर्ट के एक जज ने अदालत परिसर में फिसल कर गिरने के बाद पूरे शहर पर एक मिलियन डॉलर का जुर्माना लगा दिया था। दरअसल जस्टिस जैक बेगेट्ली अदालत में पहुंचे और उसी समय वहां पोंछा लगाया गया था। गीले फर्श पर जैक फिसल कर गिर पड़े और उनका घुटना टूट गया। जैक ने इस पूरे प्रकरण को कोर्ट परिसर में ही मुकदमा चलाया और पूरे शहर पर जुर्माना लगा दिया। शहर पर आरोप लगा कि शहर के कर्मचारी ने सार्वजनिक स्थान पर लापरवाही से काम किया और उसके चलते जनता को दिक्कत हुई।