नेपाल और भारत में करीब चार महीने पहले आए विनाशकारी भूकंप का दर्द अभी लोग भूले भी नहीं थे कि सोमवार को एक बार फिर इसकी यादें ताजा हो गई। भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में 6.2 तीव्रता के भूकंप ने सबको फिर हिला दिया।
विज्ञापन
तस्वीरें: झटकों ने याद कराया, 25 अप्रैल की तबाही का वो मंजर
2 of 5
25 अप्रैल 2015 को आए इस भूकंप का आलम यह था कि इसके झटके लगातार कई दिनों तक महसूस किए गए। लोगों के मन में डर का ऐसा आलम था कि उनको रात में नींद भी नहीं आती थी।
विज्ञापन
तस्वीरें: झटकों ने याद कराया, 25 अप्रैल की तबाही का वो मंजर
3 of 5
रविवार को ही जारी एक रिपोर्ट में नेपाल और आसपास के इलाकों में एक बार फिर भूकंप की आशंका व्यक्त की गई थी। इस रिपोर्ट के अगले ही दिन भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में इसके झटके महसूस किए गए।
तस्वीरें: झटकों ने याद कराया, 25 अप्रैल की तबाही का वो मंजर
4 of 5
इस भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदूकुश की पहाड़ियों में जमीन से 210 किमी नीचे स्थित था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.2 मापी गई जिसका असर उत्तर भारत में भी देखने को मिला जिसमें कश्मीर, पंजाब शामिल हैं।
तस्वीरें: झटकों ने याद कराया, 25 अप्रैल की तबाही का वो मंजर
5 of 5
25 अप्रैल को आए भूकंप की तस्वीरें
नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के बाद सबसे पहले भारत ने नेपाल की ओर मदद का हाथ बढ़ाया था। भारतीय सेना की मदद से मलबे से नीचे दबे हजारो लोगों को बचाया गया था। इसके अलावा दुनिया के कई अन्य देशों ने भी नेपाल की मदद की थी।