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लगता है नरेंद्र मोदी ने ये हिंदी फिल्में नहीं देखी हैं?

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लगता है नरेंद्र मोदी ने ये फिल्में देखी नहीं हैं वरना बॉलीवुड फिल्मों में पुलिस की भूमिका को लेकर ऐसा बयान न देते। जरा मोदी इन फिल्मों पर भी निगाह डालें।

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लगता है नरेंद्र मोदी ने ये हिंदी फिल्‍में नहीं देखी हैं?

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मोदी जी ये जंजीर फिल्म है। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने एक पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई थी। अपने सिद्घांतों और आदर्श के साथ खड़े होने के लिए इस पुलिस इंस्पेक्टर ने अपनी जान की बाजी लगा दी थी। ऐसे केस आपको रियल जिंदगी में दिखती हैं क्या? दिखें तो बॉलीवुड निर्माता-निर्देशकों को जरूर सूचित करें।
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प्रधानमंत्री जी ये दीवार फिल्म के पुलिस इंस्पेक्टर हैं। ये अपनी ड्यूटी के प्रति ऐसे मुस्तैद रहते हैं कि अपने सगे भाई पर भी गोली चलाने या गिरफ्तार करने से पीछे नहीं होते। रियल लाइफ में आपके पास ऐसा कोई उदाहरण है?

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ये आमिर खान हैं। फिल्म है सरफरोश। आईएएस की परीक्षा पास करने के बाद ये चाहते तो आराम से डीएम बन सकते थे लेकिन इन्होंने पुलिस की नौकरी चुनी ताकि देश की सेवा अपने ढंग से कर सकें। शायद यह फिल्म भी आपसे मिस हो गई है।
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अजय देवगन की फिल्में भी आपने नहीं देखीं? यह अजय देवगन की फिल्म गंगाजल है। बिहार के किसी क्षेत्र से अपराध को खत्म करने के लिए इस पुलिस इंस्पेक्टर ने अपनी जान की बाजी लगा दी।

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यह भी अजय देवगन की ही फिल्म सिंघम है। एक अकेला ईमानदार आफिसर यदि चाहे तो कैसे पूरे सिस्टम को झकझोर सकता है यह फिल्म दिखाती है। कई शहरों में पुलिस के अधिकारियों ने इस फिल्म को सामूहिक रूप से देखा है। उन राज्यों में भी जहां बीजेपी की सरकारें रहीं हैं।
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यह भी अजय देवगन की फिल्म सिंघम ‌रिटर्न्स है। एक पुलिस अधिकारी के रूप में अजय यहां भी नेताओं के साथ नौकरशाहों से भी लोहा लेते हैँ।

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सहर फिल्म यह दिखाती है कि यदि पुलिस का अधिकारी ईमानदार हो तो वह कैसे पूरे सिस्टम की गंदगी को साफ कर सकता है।

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मनोज बाजपेई की फिल्म शूल एक ऐसे फिल्म अधिकारी की कहानी है जो एक भ्रष्ट नेता को नेस्तनाबूत करने के लिए अपने पूरे परिवार को ही संकठ में डाल देता है। मोदी जी यह फिल्म भी शायद आपसे मिस हुई?

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यह अक्षय कुमार की फिल्म आन है। पुलिस की टीम कैसे संगठित होकर अपराध को खत्म कर सकती है यह फिल्म का विषय है। असल जिंदगी में तो ऐसा नहीं होता है।

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अमिताभ की खाकी भी आपसे मिस हुई। अमिताभ की एक और फिल्म देव पुलिस अधिकारी के राजधर्म की भी व्याख्या करती है। वह फिल्म तो आपको देखनी ही चाहिए थी।
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एक पुलिस अधिकारी देश में आतंक कैसे खत्म कर सकता है इसकी बानगी यदि आपको देखनी है तो आप सनी देओल की फिल्म इंडियन देखें। अच्छा लगेगा आपको।

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