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चंपारण में कपड़े सुखाने के काम आते हैं गांधी स्मारक, तस्वीरें

Sun, 04 Oct 2015 09:40 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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ये हालत है गांधी के चंपारण की। जिस स्थान से मोहनदास करम चंद गांधी ने देश कि अन्नदाता किसान को ब्रितानी सरकार के शोषण से छुटकारा दिलाने की शुरुआत की अब वहां के हालात बद से बदतर हो चुके हैं। (सभी तस्वीरेंः गांधी का चंपारण डाक्यूमेंट्री से')
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चंपारण में कपड़े सुखाने के काम आते हैं गांधी स्मारक, तस्वीरें

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दो अक्तूबर पर पीएम मोदी जिस चंपारण और गांधी आंदोलन के जिक्र कर बिहार के लोगों में उत्साह भर रहे थे। उसकी असलीयत सामने आई एक डाक्यूमेंट्री फिल्म से। चंपारण और गांधी आंदोलन पर आधारित इस डाक्यूमेंट्री में आज के चंपारण की हालत साफ दिखती है।
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चंपारण में कपड़े सुखाने के काम आते हैं गांधी स्मारक, तस्वीरें

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जिस जगह को गांधी ने अपनी कर्मभूमि बनाई, जो जमीन गांधी के अथक मेहनत की साक्षी बनी, उसी जगह पर बनें गांधी स्मारक आज अपनी आखिरी सांसें गिन रहे हैं।

चंपारण में कपड़े सुखाने के काम आते हैं गांधी स्मारक, तस्वीरें

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गांधी जिस घर में रहकर चर्खा चलाते थे, वहां अब कचरा फैला हुआ है। यही नहीं, वहां लगे गांधी स्मारक को कपड़ा सुखाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। जो कि पहली ही तस्वीर में आपने देखा होगा।
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चंपारण में कपड़े सुखाने के काम आते हैं गांधी स्मारक, तस्वीरें

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57 मिनट की इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म में गांधी के चंपारण की वो हकीकत दिखाई गई है जो हम वहां जाकर ही देख पाएंगे। डॉक्यूमेंट्री के पहले हिस्से में गांधी के चंपारण प्रवास के दौरान उनके कार्यों को दिखाती है।
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एक दृश्य में गांधी जी द्वारा शुरू किए गए एक स्कूल में बच्चों से पूछा कि मोदी कौन हैं, तो जवाब मिला 'सरकार' और जब पूछा महात्मा गांधी कौन हैं, तो वे चुप रहे। उन्हें पता ही नहीं था कि महात्मा गांधी कौन थे?
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कुल मिलाकर यह डॉक्यूमेंट्री गांधी के चंपारण के हर स पहलू से वाकिफ कराएगी जिससे आप अब तक अनजान हैं। 57 मिनट की इस डॉक्यूमेंट्री ने गांधी जी के प्रति हमारी कथित श्रद्धा और नमन् की पोल खोल कर रख दी है।
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