छोटे पर्दे पर 'मिहिर वीरानी' के किरदार से चर्चा में आने वाले अमर उपाध्याय बड़े पर्दे पर पहली फिल्म 'ढ़ूंढते रह जाओगे' के साथ उतरे। बॉलीवुड में उनका करियर ऐसा फ्लॉप हुआ कि वाकई अब आप उन्हें फिल्मों में ढूंढते ही रह जाएंगे पर वो नहीं मिलेंगे।
विज्ञापन
डेब्यू में ही फ्लाप हुए ये हीरो, अब सी ग्रेड फिल्में भी नहीं मिलती
2 of 7
ऐसा ही कुछ हाल अपूर्व अग्निहोत्री का रहा। टीवी शो 'जस्सी जैसी कोई नहीं' में तो इन्होंने झंडे गाढ़ दिए लेकिन फिल्मों की बात करें तो 'परेदस' जैसी हिट फिल्म से शुरूआत करने के बावजूद बड़े पर्दे पर कोई कमाल नहीं दिखा पाए। हालांकि वे कई और फिल्मों में दिखे लेकिन सब पिटी हुईं।
विज्ञापन
डेब्यू में ही फ्लाप हुए ये हीरो, अब सी ग्रेड फिल्में भी नहीं मिलती
3 of 7
अरमान कोहली ने फिल्में करने में तो कोई कमी नहीं की लेकिन शायद अच्छी एक्टिंग करना भूल गए तभी अपनी पहली फिल्म 'विरोधी' से लेकर अब तक की आखिरी फिल्म 'एलओसी कार्गिल' में लोगों का दिल नहीं जीत पाए। अब वे जलद ही 'प्रेम रतन धन पायो' में दिखेंगे। देखेते हैं उसमें कुछ नया कर पाते हैं या नहीं।
डेब्यू में ही फ्लाप हुए ये हीरो, अब सी ग्रेड फिल्में भी नहीं मिलती
4 of 7
हरमन बावेजा ने नहीं सोचा होगा कि डायरेक्टर पिता और हृतिक रोशन जैसे लुक्स होने के बावजूद उनका फिल्मी करियर इतना फ्लॉप रहेगा। उनकी पहली फिल्म 'लव स्टोरी 2050' बॉक्स ऑफिस पर ऐसी पिटी कि उसका खामियाजा हरमन शायद आज तक भुगत रहे हैं।
विज्ञापन
डेब्यू में ही फ्लाप हुए ये हीरो, अब सी ग्रेड फिल्में भी नहीं मिलती
5 of 7
अविनाश वधावन उन लोगों में से एक हैं जो फिल्मों में न चल पाने पर छोटे पर्दे का रुख करते हैं। उनकी पहली फिल्म 'परवाने' थी लेकिन अब तो उन्हें किसी फिल्म में पिता का रोल भी नहीं मिलता।
विज्ञापन
डेब्यू में ही फ्लाप हुए ये हीरो, अब सी ग्रेड फिल्में भी नहीं मिलती
6 of 7
वत्सल सेठ ने छोटे पर्दे के शो 'जस्ट मोहब्बत' से अपने करियर की धुंआधार शुरूआत की। सालों बाद जब वे फिल्म 'टार्जन द वंडर कार' से पर्दे पर वापस आए तो लोगों की उनकी एक्टिंग से उम्मीदें बढ़ गई थी, लेकिन ऐसा कुछ कमाल नहीं हुआ। इसके बाद वत्सल ने जो फिल्में की उनका नाम शआयद उन्हें खुद भी याद न हो। आखिरी बार वे सलमान खान की फिल्म 'जय हो' में एक छोटे से रोल में दिखे थे।
डेब्यू में ही फ्लाप हुए ये हीरो, अब सी ग्रेड फिल्में भी नहीं मिलती
7 of 7
जुगल हंसराज ने हीरो के रूप में फिल्म 'आ गले लग जा' से शुरूआत की। इसके बाद उन्होंने कई नामी फिल्मों में दिखे लेकिन शायद किस्मत को कुछ और मंजूर था और अब तो उन्हें फिल्में भी नहीं मिलती। चलिए कम से कम इनके पास अच्छीयादों के नाम पर 'घर से निकलते ही' गाना और फिल्म 'मोहब्ब्तें' तो हैं।