डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस) की परीक्षा में कॉपियां बदलने में कई और लोग शामिल हैं। कॉपियां एजेंसी पहुंचने से पहले ही बदल दी जाती थीं। जेल से शनिवार को 31 घंटे की पुलिस रिमांड पर आए छात्र नेता राहुल पाराशर ने पूछताछ में इस तरह के कई राज उगले हैं।
कॉपियां बदलने के मामले में छात्र नेता राहुल पाराशर मुख्य आरोपी है। वह मथुरा के राया का रहने वाला है। सिकंदरा के केेके नगर में रह रहा था। उसकी तलाश में हरीपर्वत पुलिस, एसटीएफ लगी थी लेकिन उसने सभी को चकमा देकर कोर्ट में समर्पण किया और जेल चला गया था। पुलिस को 31 घंटे की रिमांड मिली थी। उसको शनिवार सुबह 10 बजे पुलिस ने जेल से पूछताछ के लिए निकाला। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में कई जानकारी मिली है। उसने कॉपियां बदलने में शामिल कई लोगों के नाम बताए हैं। इनमें विश्वविद्यालय के कर्मचारी से लेकर पूर्व छात्र नेता भी शामिल हैं। जिन लोगों के नाम बताए हैं, उनके बारे में पुलिस टीम पड़ताल में लगी है।
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एसएसपी प्रभाकर चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी ने बताया कि कॉपियां बदलने में उनकी भूमिका मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। आरोपी राहुल पाराशर को पुलिस टीम उसके घर भी ले गई। उसकी निशानदेही पर कॉपियां सिलने वाली सिलाई मशीन, खाली और तैयार फर्जी अंकतालिका, विश्वविद्यालय के बार कोड बनाने वाले पेपर, कालेज की मोहरें बरामद की हैं। रविवार शाम पांच बजे आरोपी को जेल में दाखिल कर दिया गया।
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छात्र नेता के घर पहुंची एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
कॉपियां बदलने पहुंचा था मोती कटरा
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में राहुल पाराशर ने बताया कि वह परीक्षा केंद्रों से उत्तर पुस्तिका लेने वाले टेंपो चालक देवेंद्र के संपर्क में था। केंद्र से उत्तर पुस्तिका लेने के बाद चालक उसे बंडल दे देता था। बंडल को वह घर ले जाता था। इसके बाद कॉपियां बदलने का काम करता था। दूसरे दिन देवेंद्र को देता था। जिस दिन यह मामला सामने आया, उस दिन भी वह मोती कटरा में चालक से कॉपियाें का बंडल लेने पहुंचा था। मगर, प्रोफेसर और पुलिस टीम पहुंच गई थी। इससे पहले कई बार उत्तर पुस्तिका बदल चुका था।
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एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
यह था मामला
बता दें कॉपियां बदलने का मामला 27 अगस्त को सामने आया था। इस मामले में थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज हुआ। टेंपो चालक देवेंद्र को जेल भेजा गया। बाद में दिल्ली से डॉ.अतुल पकड़ा गया। कॉपियां बदलने के मामले में एक और मुकदमा दर्ज हुआ, जिसमें 14 छात्रों की कॉपियां बदलने का मामला प्रकाश में आया था।
इसके बाद कॉपियां लिखने वाले पुनीत और दलाल दुर्गेश पकड़े गए। जांच में एमबीबीएस के छात्रों की कॉपियां बदलने का मामला भी सामने आया। इस पर एक और मुकदमा दर्ज किया गया। एसआईटी भी सभी मामलों की जांच में लगी है। पुलिस टीम कड़ी से कड़ी जोड़ने में लगी है।