आज इंसान ने भले ही अत्याधुनिक ऑटोमैटिक हथियार बना लिए हैं, लेकिन इन पुराने हथियारों के आगे दुश्मन पानी मांगता था। देखें दिलचप्स तस्वीरें।
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पुराने जमाने के हथियारों के आगे नहीं चलता था किसी का जोर
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बाघ के पंजे की तरह दिखने की वजह से इस प्राचीन हथियार का नाम बाघ नख पड़ा। हमलावर इसे हथेली में फिट करके दुश्मन पर झपट्टा मारता था। माना जाता है कि माराठा शासक शिवाजी ने बीजापुर के जनरल अफजल खान के साथ हुई लड़ाई में बाघ नख इस्तेमाल किया था। इसके अलावा ये भी कहा जाता है कि एक समय तक बंगाल में स्कूल जाने वाली छात्राएं भी खुद की सुरक्षा के लिए बाघ नख का इस्तेमाल करती रही हैं।
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जुआ एक चीनी हथियार है। इसमें लोहे की रॉड के सिरे पर नाखूनों वाला पंजा बना होता था। इसको युद्ध के दौरान ढाल छीनने और झपट्टा मारने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
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मैन कैचर का इस्तेमाल यूरोप में 18वीं सदी के अंत तक किया जाता रहा है। इसको ऐसे खास ढंग से डिजायन किया गया था कि इसमें दुश्मन की गरदन से लेकर उसके हाथ या पैर को आसानी से फंसाया जा सकता था। इसे घुड़सवार को फंसाकर जमीन पर गिराने के काम में लाया जाता था।
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कटार का इस्तेमाल सबसे पहले तमिलनाडु में किया गया। पहली नजर में ये सिंगल ब्लेड वाला हथियार नजर आता है। लेकिन इस्तेमाल के समय इसे दबाते ही इसके दो और ब्ले़ड खुल जाते हैं। दक्षिण एशिया में इस हथियार का चलन खूब रहा है।
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इस धारदार हथियार को सीजर कहते हैं। इसे खासकर रोमन योद्धा इस्तेमाल में लाते रहे हैं। सीजर को इस तरह से बनाया गया था कि इसे योद्धा अपने हाथ में पहन सकें। आगे की तरफ इसमें धारदार ब्लेड लगा होता था। योद्धा सीजर के जरिए दुश्मन का धनुष भंग करने के साथ-साथ उस पर झपट्टा मारकर हमला करते थे।
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चू को नू धनुष की तरह दिखने वाला चीनी हथियार है। इसे 1894-95 में साइनो-जापानी युद्ध में आखिरी बार इस्तेमाल किया गया था। ये एक प्रकार से योद्धाओं की ऑटोमैटिक राइफल के तौर पर काम करता था।
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चीनी मार्शल आर्ट में इस्तेमाल किया जाने वाला एमिसी खासकर दुश्मन का गला रेतने के काम आता था। ये हथियार दो नुकीले ब्लेड वाला था। इसको हाथ की अंगुलियों में पहना जाता था।
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फिलीपींस में तलवार की तरह दिखने वाले पिनुती का इस्तेमाल अमरूद की खेती के लिए किया जाता था। लेकिन बाद में लोगों ने इस हल्की पिनुती को और धारदार बनाकर लड़ाईयों में भी इस्तेमाल किया।
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किंपिंगा तीन अलग-अलग आकार की फेंकने वाली चाकुओं से बना हथियार है। इसे हंगा मंगा भी कहा जाता था। ये 22 इंच तक लंबा होता था। इसे मिश्र के नीबिया के अजांदे लोग इस्तेमाल करते थे।
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मैकुआहुइत लकड़ी की तलवार जैसा हथियार था जिसके दोनों तरफ ज्वालामुखी के कांच के पत्थरों से बने प्रिज्मीय ब्लेड लगे होते थे। ये करीब तीन से चार फुट तक लंबा होता था।