आप भी अगर किसी बैल को अपनी तरफ दौड़ते देख लेते हैं तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं न! लेकिन इंडोनेशिया में तो एक ऐसा फेस्टीवल मनाया जाता है जहां न सिर्फ बैलें बहुत तेजी से दौड़ते हैं बल्कि उनके पीछे कुछ आदमी भी उन्हें पकड़ कर साथ में दौड़ते हैं।
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बैलों की पूंछ पकड़े रेस में दौड़ते किसान, दम हो तभी देखें तस्वीरें
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ये आदमी कोई और नहीं बल्कि किसान होते हैं। इस खेल में किसानों को नंगे पैर एक लकड़ी के पटरे पर खड़े होना होता है और अपने दोनों बैलों को रस्सी से पकड़ कर बहतु तेज दौड़ना होता है। तस्वीरें मिरर से।
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बैलों की पूंछ पकड़े रेस में दौड़ते किसान, दम हो तभी देखें तस्वीरें
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ये 30 मीटर की रेस होती है और विजेता का चयन इस आधार पर किया जाता है कि कितनी देर तक दोनों बैल और किसान साथ में दौड़ पाए और किसने पहले रेस खत्म की।
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अगर इस दौरान एक भी बैल अपना रास्ता बदल लेता है या उनमें ताल मेल बिगड़ जाता है तो किसान नीचे गिर सकता है। ऐसे में वह रेस से बाहर माना जाता है।
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दरअसल ये फेस्टीवल धान की खेती खत्म होने पर एक जश्न कै तौर पर मनाया होता है। इस 400 साल पुरानी परंपरा का एक उद्देश्य यह भी होता है कि बैलों की ताकत की पहचान हो सके और उनकी बोली लग सके। सबसे ज्यादा बोली लगाने वाला खरीददार ताकतवर बैल को खरीद लेता है औऱ उसे पालता है।