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ये क्या इस महीने नजर आएगा ब्लू मून, जानिए क्या है पूरा मामला

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ज्योतिषशास्त्र में चन्द्रमा को ग्रहों की रानी और मन का कारक कहा गया है। यह एक शुभ ग्रह है जो कभी उलटी चाल नहीं चलता। प्रकृति के नियम के अनुसार यह अमावस की रात आसमान में नजर नहीं आता और धीरे-धीरे बढ़ता हुआ पूर्णिमा की रात को पूरा नजर आता है।

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ये क्या इस महीने नजर आएगा ब्लू मून, जान‌िए क्या है पूरा मामला

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यह पूरा क्रम आम तौर पर एक महीने में एक ही बार होता है यानी अमावस और पूर्णिमा महीने में एक बार ही आता है। लेक‌िन इस महीने कुछ अनोखा होने वाला है और आसमान में ब्लू मून नजर आएगा, जान‌िए क्यों और कैसे।
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अक्सर जब कोई काम कभी-कभार किया जाता है तो अंग्रेजी कहावत में कहते हैं -‘वन्स इन ए ब्लू मून।’ कई लोग इसका अर्थ आकाश में चांद नीले रंग का दिखाई देने से लगाते हैं, लेकिन ऐसा कतई नहीं है।

ये क्या इस महीने नजर आएगा ब्लू मून, जान‌िए क्या है पूरा मामला

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दरअसल, जब पूर्ण चंद्रमा (पूर्णिमा का) एक माह में दो बार आसमान में आता है तब उसे ब्लू मून कहते हैं, जो इस बार 31 जुलाई को है। पहला पूर्ण चंद्रमा 1 जुलाई को निकला था। यह संयोग अक्सर तीन साल में एक बार पड़ता है।
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इससे पहले यह संयोग अगस्त 2012 में पड़ा था जब हमारे सौर मंडल के भीतर माह में दो बार पूर्ण चंद्रमा दिखाई दिया था। दो पूर्णिमा के बीच अक्सर 29 दिन का अंतर ही होता है, इसलिए एक माह में आसमान पर दो बार पूर्ण चंद्रमा का निकलना दुर्लभ होता है। इसके बाद ब्लू मून का यह संयोग वर्ष 2018 में पड़ेगा।

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यह महीना खगोल‌ीय घटनाओं के मामले में यूं भी बहुत ही खास है। इस महीने ब्लू मून के अलावा भी एक बड़ी खगोलीय घटना हुई है।
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गुरू और शुक्र कर्क राश‌ि में बहुत करीब आए। गुरू और शुक्र का ऐसा संयोग सद‌ियों बाद हुआ है ऐसा माना जाता है। ऐसा भी कहा जा रहा है क‌ि गुरू और शुक्र इससे पहले इतने करीब ईसा मसीह के जन्म के समय आए थे।
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