आपके लिए इस दुनिया में फैसले लेने वाला आपसे बेहतर कोई इंसान नहीं है। आप भली भांति जानते है आपके लिए क्या सही गलत है। आपको अपनी खामियों को भी अपनाना होगा, क्योंकि कोई भी परिपक्व नहीं होता। अपनी कमियों को समझे। कदम-कदम पर आंखें खुली रखकर चलना बेहद आवश्यक है। यदि आप आंख बंद कर रास्ते पर चलेंगे तो कहीं टक्कर खा जाएंगे और गिर पड़ेंगे।