फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथी के दांत-चंदन की तस्करी से कमाए थे करोड़ों, सेना ने घेरकर ऐसे किया था एनकाउंटर

Wed, 19 Oct 2016 09:02 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
1 of 10
veerappan
चंदन की लकड़ी और हाथी के दांतों की तस्करी लिए खुख्यात वीरप्पन की मौत आज की के दिन 18 अक्टूबर 2004 को हुई थी। दक्षिण भारत के जंगलों में वीरप्पन के आतंक और दहशत ने पुलिस और आर्मी की नाक में दम कर दिया था। खूखांर होने के साथ-साथ वीरप्पन एक तेज दिमाग का शख्स था और उसे पकड़ने के लिए सेना और पुलिस को तीन साल से भी ज्यादा का समय लगा था।

ऐसा माना जाता है वीरप्पन की काली कमाई की चाह ने तस्करी की दुनिया में नया मोड़ ला दिया था और लोगों में कहीं-न-कहीं पुलिस का डर खत्म होने लगा था। आईए बताते हैं वीरप्पन से जुड़ी वो बातें जिनके लिए वीरप्पन के आतंक से थर्रारते थे लोग।
विज्ञापन

2 of 10
veerappan
वीरप्पन का जन्म 18 जनवरी 1952 को हुआ था और वह महज 8 साल की उम्र से ही अवैध रूप से शिकार करने वाले गिरोह में शामिल हो गया था। वीरप्पन ने इसी गिरोह में गोली चलाने से लेकर आर्मी को चकमा देना सीखा था। छोटी उम्र में ही वह सेना के जवानों के ऊपर हमला करने लगा और कई को मौत के घाट उतार दिया।
विज्ञापन

3 of 10
veerappan - फोटो : Indian Express
बताया जाता है कि वीरप्पन को हाथियों का शिकार करके उनके दांतों की तस्करी करने की चाहत बचपन से ही थी। इसलिए उसने महज 12 साल की उम्र में गोली चलाकर हाथी को मार गिराया था, जबकि उसने 17 साल की उम्र में पहली बार मर्डर किया। पुलिस और सेना के शिंकजे में न आने वीरप्पन ने अपने आतंक को कायम रखने के लिए लोगों की हत्या की जिसमें अधिकतर सेना के जवान शामिल थे।

4 of 10
veerappan
वीरप्पन ने करीब 2,000 से ज्यादा हाथियों की हत्या की थी। इसके बाद उसने अपने प्रतिद्वंदी गिरोह का खात्मा किया और जंगल में अपनी बादशाहत कायम कर ली। बताया जाता है कि 40 साल में वीरप्पन ने हाथियों के दांत की तस्करी से 88 हजार पाउंड्स यानी करीब 75 करोड़ रुपये की काली कमाई की थी। इतना ही नहीं उसने करीब 10 हजार टन चंदन की लकड़ी का व्यापार किया था।
विज्ञापन

5 of 10
veerappan
वीरप्पन की भूख तस्करी से खत्म नहीं हुई और उसने बड़ी-बड़ी हस्तियों को अगवा कर फिरौती का गोरखधंधा शुरू कर दिया। बताया जाता है कि उसने साउथ के सुपर स्टार रजनीकांत को अगवा करने का प्लान भी बनाया था। चंदन और हाथी के दांतों की तस्करी करने वाले वीरप्पन की पुलिस और सरकार से विवाद की वजह उसके भाई और बहन की मौत थी। इसी वजह से चिढ़े वीरप्पन ने 184 अफसरों की हत्या की।
विज्ञापन

6 of 10
veerappan
वीरप्पन की लव स्टोरी भी सुर्खियों में बनी रही थी। दरअसल, वीरप्पन ने 1989 में 16 साल की मुत्तुलक्ष्मी से शादी की थी। वह अपने पति के साथ जंगलों में रहती थी और वीरप्पन व उसके साथियों की मदद भी किया करती थी।
विज्ञापन

7 of 10
veerappan
वीरप्पन की मौत का कारण उसकी आंख में मोतियाबिंद की बीमारी थी। जंगल की गायब रहने वाले वीरप्पन को मजबूरन जेल से बाहर आना पड़ा और इसकी खबर एसटीएफ की टीम को लग गई।

8 of 10
veerappan
इस बीच एम्बुलेंस से जा रहे वीरप्पन और उसके साथियों को तमिलनाडु के जंगल में एसटीएफ की टीम ने घेर लिया और सरेंडर करने को कहा। लेकिन, भाग निकलने में माहिर वीरप्पन सरेंडर को राजी नहीं हुआ। दरअसल टीम ने वीरप्पन की एम्बुलेंस के सामने अपना ट्रक खड़ा कर दिया था और उसमें हथियार से लेस जवान मौजूद थे।

9 of 10
veerappan
घिर चुके वीरप्पन क्रास फायरिंग कर दी और सेना को मजबूरन एम्बुलेंस पर गोलियां चलानी पड़ी। इस बीच क्रास फायरिंग में वीरप्पन के दिमाग में गोली लगने से उसकी मौत हो गई। साथ ही उसके सभी साथी मौत की घाट उतार दिए गए।
विज्ञापन

10 of 10
veerappan
वीरप्पन को पकड़ने में पुलिस को 20 साल से भी ज्यादा का समय लग गया था। इसमें करीब 130 पुलिस अधिकारियों को पकड़ने की कोशिश में लगाया गया। साथ ही 1 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च भी किया गया। बताते चलें कि वीरप्पन का अंत करने वाले दल को के विजय कुमार ने संभाला था और उसकी हत्या एक प्लान ऑपरेशन कॉकून के तहत की गई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें