एक प्रेमी अपनी नाबालिग प्रेमिका के साथ ऐसा घिनौना काम करेगा, ऐसा उसने सपने में भी नहीं सोचा होगा। इस घटना से प्यार नाम के शब्द से विश्वास उठ गया। घटना महाराष्ट्र की है। दरअसल एक प्रेमी अपनी प्रेमिका को नौकरी दिलाने का झांसा देकर नासिक में चल रहे जॉब फेयर में ले गया। यहां पर उसने अपनी प्रेमिका को एक मैरिज ब्यूरो की आड़ में चल रहे मानव तस्करी के रैकेट को चलाने वाले एक गिरोह को बेच दिया। गिरोह ने नाबालिग की शादी अहमदाबाद में एक शख्स से शादी करा दी। गिरोह ने नाबालिग को जिस शख्स को बेचा था उससे 75, 000 रुपये ले लिए।
विज्ञापन
2 of 6
फाइल
घटना का उस वक्त खुलासा हुआ जब पीड़ित नाबालिग ने मौका मिलते ही अपने परिजनों से संपर्क किया। परिजनों ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। फिलहाल बांद्रा पुलिस ने गोवंडी के रहने वाले प्रेमी को हिरासत में ले लिया है। पीड़ित नाबालिग के भाई ने बताया कि आरोपी करण अनिल पवार पिछले एक साल से ज्यादा वक्त से उसकी बहन के साथ रहता था। आरोपी उनके घर भी आता था। आरोपी उसकी बहन से मुंबई में ही एक फन फेयर में मिला था। यहीं पर आरोपी अनिल काम करता था।
विज्ञापन
3 of 6
फाइल
पीड़ित के भाई ने बताया कि आरोपी उसकी बहन को थोड़ा बहुत काम दिला देता था। नाबालिग को नौकरी की जरुरत थी। करीब एक हफ्ते पहले आरोपी नासिक में नौकरी दिलाने के बहाने उसे ले गया। दोनों कुछ दिन तक तो नाबालिग की बड़ी बहन और भाई के साथ रहे। लेकिन बाद में वो उसे किसी गुप्त जगह पर ले गया। पीड़ित के भाई ने बताया कि आरोपी ने उसकी बहन को रानी नाम की एक महिला को सौंप दिया। वो महिला उसे मालेगांव ले गई। महिला ने उसे फर्जी मैरिज ब्यूरो को सौंप दिया। इस ब्यूरो को नसीम आपा नाम की महिला चला रही थी।
4 of 6
फाइल
यहां गिरोह के एक सदस्य ने पीड़ित नाबालिग के फर्जी कागजात तैयार किए। जिसमें उसकी उम्र धर्म को बदला गया। पीड़ित नाबालिग के मुताबिक रानी नाम की महिला ने शादी से पहले उसे एक घर में बंधक बनाकर रखती थी। एक दिन उसे मालेगांव ले जाया गया। यहां उससे एक स्टांप पेपर पर दस्तखत कराए गए और जबरन शादी के लिए तैयार किया गया।
विज्ञापन
5 of 6
फाइल
विरोध करने पर आरोपी महिला ने उसे समझाया कि वो शादी कर ले। शादी के अगले दिन सुबह को सोने-चांदी के आभूषण और नकदी लेकर फरार हो जाना। फिर उसे अहमदाबाद में 23 साल के मानसिंह को शादी के लिए बेच दिया। ये एक ड्राइवर है इसे शादी के लिए एक लड़की की तलाश थी। गिरोह ने नालाबिग लड़की के बदले ड्राइवर से 75, 000 हजार रुपये लिए।
ड्राइवर मानसिंह को इस बारे में कुछ पता नहीं था। जब पूरी कहानी पीड़ित ने मानसिंह को बताई तो वो उसे अपने परिजनों के पास भेजने के लिए राजी हो गया। इसके बाद पीड़ित ने अपने परिवारवालों से संपर्क किया। पूरी घटना के खुलने के बाद ड्राइवर मानसिंह ने बताया कि सलीम नाम के शख्स ने शादी से पहले उससे बताया था कि लड़की अकेली है। उसके कोई नहीं है वो एक अनाथ है। फिलहाल पुलिस आरोपी पवार को हिरासत में लेकर रैकेट की भूमिका और उसके सदस्यों की तलाश में जुटी हैं।