इटावा के नगला कन्हई गांव में युवक की चाकुओं से गोदकर हत्या के चंद मिनटों बाद ही गुस्साए दूसरे पक्ष ने आरोपी युवक को कुल्हाड़ी से काट डाला। हत्या के बदले हत्या होने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल हो गया। एसएसपी पीयूष श्रीवास्तव का कहना है कि जांच पड़ताल में हत्याओं के पीछे लड़की भगाने को लेकर हुआ विवाद बताया जा रहा है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। तनाव के मद्देनजर दोनों गांवों में पीएसी लगा दी गई है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, जसवंतनगर (इटावा)
बताया जाता है कि करीब छह माह पहले नगला कन्हई का युवक पड़ोसी लड़की के साथ लापता हो गया था। इस मामले में युवक के दोस्त पड़ोसी गांव झाली के निवासी संजू राजपूत (22) पुत्र लेखराज से पूछताछ की गई, लेकिन वह कोई जानकारी नहीं दे सका। बुधवार को नगला कन्हई में मुन्नी लाल राजपूत के यहां भागवत कथा के बाद भंडारा था। इसमें संजू राजपूत भी शामिल हुआ। रात करीब नौ बजे वह भंडारे से अपने घर लौट रहा था कि रास्ते में घात लगाए लोगों ने हमला बोल दिया। ताबड़तोड़ चाकुओं से वार कर लहूलुहान कर सभी भाग निकले। संजू की मौके पर ही मौत हो गई।
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, जसवंतनगर (इटावा)
जानकारी मिलने पर संजू के परिवार के लोग दौड़े आए। इन लोगों ने भंडारे में मौजूद प्रताप सिंह राजपूत (30) पुत्र नेकसे लाल पर हमला बोल दिया और कुल्हाड़ी से वार कर उसकी हत्या कर दी। प्रताप सिंह लापता हुई लड़की का चाचा बताया जा रहा है। दोहरे हत्याकांड के बाद दोनों पक्षों के लोग अपने-अपने घरों में ताला बंद कर भाग निकले। ग्रामीणों की सूचना पर एसएसपी पीयूष श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। रात में ही दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अगले दिन दोपहर बाद संजू राजपूत की मां मिठानी देवी ने कल्लू और भूरे पुत्रगण श्रीदयाल राजपूत, शिवनाथ पुत्र नेकसे लाल राजपूत तथां बलरई थाना क्षेत्र के नगला विशुन निवासी जगदीश पुत्र जालिम सिंह राजपूत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। दूसरे पक्ष से मृतक प्रताप के पिता नेकसे लाल ने रामजस पुत्र पुजारी, प्रद्युम्न पुत्र राजवीर, लेखराज पुत्र मनफूल, धर्मेंद्र एवं अवधेश पुत्रगण मथुरा प्रसाद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। दोनों गांवों में तनाव के मद्देनजर पुलिस के साथ ही पीएसी भी तैनात कर दी गई है।
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, जसवंतनगर (इटावा)
हत्या के बदले हत्या से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। जिसे भी पता चला उसने दांतों तले अंगुलियां दबा लीं। बाजार और चौराहों पर घटना की ही चर्चा होती रही। दरअसल नगला कन्हई और झाली गांव करीब 500 मीटर की दूरी पर है। राजपूत बिरादरी की बहुलता वाले इन दोनों गांवों के संबंध मधुर रहे हैं, लेकिन इस हत्याकांड के बाद दोनों एक-दूसरे के खून के प्यासे हो गए हैं। इसी का नतीजा है कि गांवों में पुलिस-पीएसी के जवान गश्त कर रहे हैं। लोग इतने डरे हुए हैं कि हत्याकांड को लेकर खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। लड़की के साथ लापता प्रद्युम्न उर्फ पूते और संजू आपस में मित्र थे। संजू दिल्ली में फ्रूट का ठेला लगाता है। चर्चा रही कि यहां से लड़की के साथ जाने के बाद प्रद्युम्न दिल्ली में संजू के घर पर रुका था। मामला बिरादरी का होने की वजह से युवक-युवती के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई। लेकिन जब संजू सामने पड़ा तो प्रताप सिंह का खून खौल गया। संजू बुधवार को ही दिल्ली से लौटा था।
हत्या के बदले हुई हत्या से इलाके में दहशत है। जसवंतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम नगला कन्हई के इस वाकये में दोस्ती निभाने के चक्कर में संजू की जान चली गई। लोगों का कहना था कि संजू अपने दोस्त का पता बता देता तो शायद ही इतनी बड़ी वारदात होती। हालांकि यह भी माना जा रहा है कि संजू की हत्या की पटकथा पूर्व में लिखी जा चुकी थी। संजू बुधवार को ही दिल्ली से भंडारे में शामिल होने आया था। विपक्षियों को पता यह था, इसलिए उसकी हत्या की साजिश रच ली गई। दूसरी ओर संजू की हत्या का बदला भी आक्रामक तरीके से लिया गया। प्रताप सिंह को भंडारे से खींचकर कुल्हाड़ी से काटकर मौत के घाट उतारा गया। प्रतिशोध की ज्वाला ने दो परिवारों को जलाकर राख कर दिया। भागवत कराने वाले मुन्नी लाल को इस बात का मलाल है कि गांव वासियों के बार-बार अनुरोध पर भागवत कथा का आयोजन कराया और इसे दुश्मनी निकालने का माध्यम बना लिया गया। मारे गए संजू की अभी शादी नहीं हुई थी। प्रताप सिंह शादीशुदा तो था लेकिन उसे कोई संतान नहीं है।