बीआरडी मामले में पूर्व प्रिंसिपल और उनकी पत्नी पर कोर्ट में पेशी के दौरान हमले की कोशिश की गई। लोगों ने पूर्व प्रिंसिपल से अभद्रता और गालीगलौज भी की। भारी पुलिस बल होने की वजह से लोग उनके पास नहीं पहुंच पाए।
विज्ञापन
2 of 10
डॉक्टर राजीव मिश्र
- फोटो : अमर उजाला
बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रकरण में गिरफ्तार पूर्व प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्र और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को एंटी करप्शन कोर्ट ने गुरुवार को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। कोर्ट का आदेश सुनते ही डॉक्टर दंपती बदहवाश हो गए। पूर्व प्राचार्य के आंखों से आंसू निकल आए। डॉ. पूर्णिमा के चेहरे पर भी घबराहट देखने को मिली।
विज्ञापन
3 of 10
डॉ. पूर्णिमा शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर से गिरफ्तार पूर्व प्रिंसिपल और उनकी पत्नी को गुरुवार को पहले जिला चिकित्सालय ले जाया गया। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद दोपहर एक बजे के करीब कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों को एंटी करप्शन के इंचार्ज शिवानंद सिंह की कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दलील सुनी और आरोपियों को जेल भेजने का आदेश पारित कर दिया।
4 of 10
डॉ.डॉ. पूर्णिमा शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
आरोपियों की पेशी के दौरान कचहरी परिसर छावनी में तब्दील हो गया था। एसपी ट्रैफिक आदित्य वर्मा और सीओ कैंट अभिषेक की मौजूदगी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए। सुरक्षा घेरे में लेकर ही आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। करीब 30 मिनट की सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जेलने का फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान डॉ. पूर्णिमा शुक्ला सिर झुकाए रहीं। फैसला सुनाने से पहले उन्होंने कोर्ट रूम में खुद को निर्दोष बताया।
विज्ञापन
डॉक्टर के अधिवक्ता का तर्क
5 of 10
डॉ. पूर्णिमा शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
एफआईआर देखने से कोई अपराध नहीं बन रहा है। किसी धारा को साबित करने का कोई सुबूत नहीं है। केवल मीडिया ट्रायल और शासन के दबाव में फर्जी बातें प्रथम सूचना रिपोर्ट में लिखी गई हैं। जो आरोप हैं, उसमें विभागीय जांच हो सकती है। यह सरकारी कर्मचारी सेवा नियमावली के तहत कदाचार हो सकता है। विभागीय दंड ही मिल सकते हैं। न्यायालय से दंडनीय अपराध नहीं हो सकता है।
विज्ञापन
जमानत की अर्जी नहीं पड़ी
6 of 10
डॉ. राजीव मिश्र
- फोटो : अमर उजाला
डॉक्टर दंपती की तरफ से जमानत की अर्जी एंटी करप्शन कोर्ट में नहीं लगाई गई। चर्चा है कि मामला पूरे देश में छाया है। इस वजह से डॉक्टर दंपती ने जमानत की अर्जी नहीं दी। मामला ठंडा होगा, तभी जमानत की मांग की जाएगी। हाईकोर्ट में भी जमानत याचिका डाली जा सकती है।
विज्ञापन
एक ही गाड़ी से जेल गए
7 of 10
डॉक्टर दंपित की कोर्ट में पेशी
- फोटो : अमर उजाला
गिरफ्तार डॉक्टर दंपती को पुलिस ने एक ही गाड़ी से जेल भेजा है। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपियों को कचहरी के मुख्य द्वार से बाहर लाया गया। पहले डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को गाड़ी में बैठाया गया, फिर डॉ. राजीव मिश्र को लेकर पुलिस सीधे जेल की तरफ रवाना हो गई। डॉक्टर दंपती को कचहरी लाने और जेल ले जाने के दौरान पुलिस से खासा सतर्कता बरती है।
8 of 10
डॉ. पूर्णिमा शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. पूर्णिमा ने खुद को बताया निर्दोष
कोर्ट में पेशी के दौरान गिरफ्तार डॉ. पूर्णिमा शुक्ला ने चुप्पी तोड़ी और खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि साजिश के तहत फंसाया गया है। इन मामलों से हमारा कोई लेना देना नहीं है। इतना कहना था कि महिला पुलिस कर्मचारियों ने सुरक्षा घेरा और मजबूत किया। डॉ. पूर्णिमा को खींचकर गाड़ी में बैठाया और जेल लेकर चली गईं।
जेल में दूसरे चर्चित दंपती
9 of 10
फाइल
गोरखपुर जिला जेल में डॉक्टर दंपती दूसरे चर्चित दंपती होंगे। इस जेल में पूर्व विधायक अमनमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मुधमणि त्रिपाठी पहले से बंद हैं। दोनों पर हत्या का केस दर्ज है। अब पूर्व प्राचार्य डॉ. राजीव और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को जिला जेल के अलग-अलग बैरक में रखा गया है।
ये था मामला
10 और 11 अगस्त को मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के बीच बच्चों और लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में एफआईआर कराई गई है। पूर्व प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्र मुख्य आरोपी हैं। उनकी पत्नी भी गिरफ्तार हैं। पुलिस अब डॉ. कफील खान, डॉ. सतीश, पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी, चीफ फार्मासिस्ट गजानन जायसवाल सहित तीन और कर्मचारियों की गिरफ्तारी की कोशिश में लगी है। पुलिस, एसटीएफ की टीम लगातार छापेमारी कर रही है।