देश की सबसे बड़ी मर्डर मिस्ट्री आरुषि केस में गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। सबूतों के अभाव में आरुषि के माता-पिता राजेश और नूपुर
तलवार को बरी कर दिया गया।
16 मई 2008 को नोएडा एक फ्लैट में आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या के आरोप में सीबीआई की विशेष अदालत ने आरुषि के मां-बाप को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। जिसके बाद से ही दोनों हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे।
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रोजाना नए खुलासे और रहस्यमयी स्थितियों से भरी ये जुर्म की दास्तां किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म से कम नहीं थी। 9 साल से चले आ रहे केस में बॉलीवुड में भी 2 फिल्में बनाई जा चुकी है। आइए एक नजर डालते हैं 6 ऐसे ही हत्याकांड पर जिसके बाद पूरा देश हिल गया था।
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बीवी को मारने के बाद मक्खन लगाकर तंदूर में भून डाला
क्रूरता की हदें पार करने वाले इस वाकये को तंदूर हत्याकांड के नाम से जानते हैं। कहानी 22 साल पहले की है। तत्कालीन दिल्ली युवक कांग्रेस के अध्यक्ष व विधायक सुशील शर्मा ने निर्दयता से अपनी पायलट पत्नी नैना साहनी की हत्याकर लाश ठिकाने लगा दी थी। वो तो भला हो कूड़ा बीनने वाली उस वृद्ध महिला का जिसने आधी रात को अशोक यात्री निवास से धुआं निकलता देखा और सजगता दिखाई। ये वही यात्री निवास था जिसका मालिक सुशील था।
आरोप है कि सुशील को शक था कि उसकी पत्नी का किसी और के साथ संबंध है। इसी वजह से उसने आधी रात को अपने ही घर में गोली मारकर हत्या की दी और उसके शव को कई टुकड़ों में काट दिया। शव को छिपाने के लिए शर्मा ने उसी रात दिल्ली के बगिया रेस्टोरेंट के तंदूर में डाल दिया था। लंबी जद्दोजहद के बाद उसे फांसी की सजा सुनाई गई। बाद में उसे सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद में बदल दी। सुशील अभी जेल में है।
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जेसिका लाल हत्याकांड
18 साल पहले दिल्ली के महरौली स्थित कुतुब कोलोनेड रेस्टोरेंट में शराब परोसने के लिए मना करने पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता विनोद शर्मा के बेटे मनु शर्मा ने जेसिका लाल नामक लड़की की गोली मारकर हत्या कर दी। उसके बाद मनु अपने दोस्तों के साथ फरार हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने इस मामले में 101 गवाह बनाए जिसमें श्यान मुंशी मामले का शिकायती बना और उसी के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज हुई।
लेकिन सुनवाई के दौरान मुख्य गवाह श्यान मुंशी अपने बयान से मुकर गया। मामले की लंबी सुनवाई के दौरान मनु को जमानत मिल गई थी। मनु की ओर से हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने मनु शर्मा की ओर से पेश दलीलों को खारिज करते हुए हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। बाद में मनु की पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी गई। लंबी सुनवाई के बाद मनु शर्मा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। वह फिलहाल जेल में है। इस घटना पर 'नो वन किल्ड जेसिका' नाम की बॉलीवुड फिल्म भी बन चुकी है।
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दर्दनाक है इस लड़की की कहानी
बॉलीवुड फिल्म हेट स्टोरी-2 की कहानी इस निर्दोष की दर्दनाक कहानी से मिलती है।
वह लड़की थी गीतिका शर्मा और आरोपी हरियाणा के पूर्व मंत्री व हरियाणा लोकहित पार्टी के संयोजक गोपाल कांडा हैं। गीतिका गोपाल कांडा की एमडीएलआर एयरलाइंस में काम करती थी। यहां से नौकरी छोड़ने के बाद वह दुबई जाकर अमीरात एयरलाइंस में ट्रेनिंग कर रही थी। लेकिन आरोप है कि कांडा उसे वहां भी परेशान करते रहे।
अमीरात एयरलाइंस को ई-मेल भेजकर गीतिका पर तरह-तरह के आरोप लगाते रहे। यहां तक कि उसके चरित्र पर भी सवाल खड़ा करते रहे। इसके चलते गीतिका को वहां से बर्खास्त कर दिया। इसके बाद गीतिका शर्मा ने आत्महत्या की। मामले में हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा और उनके सहयोगी अरुणा चड्ढा को जेल हुई थी। अब कांडा जमानत पर छूट गए और दोबारा राजनीति कर रहे हैं।
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निठारी कांड
दिल्ली से सटे निठारी में खौफनाक वारदातों को अंजाम देने वाले सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर को फांसी की सजा सुनाई गई। केस की भयावहता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि इसके बाद उसे 'नर पिशाच' कहा जाने लगा। साल 2006 के दिसंबर में नोएडा के निठारी में कोठी नंबर D-5 के पीछे के नाले में मिले नर कंकालों ने जुर्म की एक ऐसी दास्तां को बयां किया जिसकी किसी ने भी कभी कल्पना नहीं की थी। कोठी थी मोनिंदर सिंह पंढेर की और 29 दिसंबर को इसके पीछे के नाले से 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल मिले थे। इस कोठी में रहने वाले दोषी बड़े ही शातिर ढ़ंग से गांव के भोले-भाले मासूम बच्चों को किसी न किसी बहाने अपने पास बुलाते थे। इसके बाद उनके साथ हैवानियत की हदें पार कर उनकी हत्या करने के बाद लाश के टुकड़े-टुकड़े कर नाले में बहा देते थे। इस मामले में पुलिस ने कोठी के मालिक मोनिंदर सिंह और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया था।
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बदला लेने के लिए किया गया गैंगरेप
इस घटना की चर्चा छावला गैंगरेप के नाम से होती है। 9 फरवरी 2012 को 19 वर्षीय युवती तीन सहेलियों के साथ अपने कार्यालय से वापस लौट रही थी। रात करीब 8.35 बजे तीनों आरोपियों ने दिल्ली के कुतुब विहार से जबरन अपहरण कर लिया और कार से रेवाड़ी, हरियाणा ले गए।
घटना के तीन दिन बाद युवती का शव बरामद हुआ। युवती के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट के कई निशान थे। दअरसल, आरोपियों ने गैंगरेप के दौरान सभी मानवीय सीमाएं पार कर दीं थीं। उन्होंने लड़की पर नाजुक अंगों पर लोहे की रॉड से हमला करने के अलावा उस पर तेजाब भी डाल दिया था।
आरोप है कि दोषी रवि युवती से दोस्ती करना चाहता था, लेकिन मना करने पर अपने दो साथियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया। दोषियों रवि कुमार, राहुल, और विनोद को अपहरण, गैंगरेप व हत्या के आरोप में मृत्युदंड की सजा सुनाई गई।
निर्भया कांड
16 दिसंबर 2012 को देश की राजधानी दिल्ली में बस के पिछले हिस्से में एक लड़की के साथ 6 आरोपियों ने बारी-बारी से बलात्कार किया। इस दरिंदगी के दौरान बस सड़कों पर भागती रही और सभी छह आरोपियों ने लड़की के साथ बलात्कार ही नहीं, बल्कि उसके साथ अमानवीय व्यवहार करते रहे। दरिंदगी के 13 दिन बाद इलाज के दौरान लड़की ने दम तोड़ दिया। मामले में एक आरोपी की जेल में ही मौत हो गई। एक नाबालिग आरोपी बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। अन्य चार अपराधियों को निचली अदालतों ने फांसी की सजा सजा दी थी, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा। इस घटना को निर्भया कांड, दामिनी कांड, दिल्ली गैंगरेप या और भी कई नाम दिए गए।