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Ujjain: खुल गए श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट, त्रिकाल पूजा शुरू; कुछ देर बाद आम श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन

Mon, 28 Jul 2025 10:21 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

Ujjain News: 12 बजते ही श्री नागचन्द्रेश्वर मंदिर के पट खोल दिए गए हैं और विशेष पूजा-अर्चना शुरू हो गई। वहीं, हजारों की संख्या में आम श्रद्धालु भी मंदिर के पट खुलने के बाद श्री नागचंद्रेश्वर महादेव के दर्शन करने को उमड़ पड़े हैं। उनमें खासा उत्साह देखा जा रहा है।
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श्री नागचन्द्रेश्वर मंदिर में त्रिकाल पूजा शुरू - फोटो : अमर उजाला
महाकाल मंदिर के शिखर पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर के पट रात 12 बजे खोले गए। परंपरानुसार सबसे पहले श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से महंत विनीत गिरी महाराज ने मंदिर के द्वार खोले। इसके बाद पूजन के दौरान प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल व श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने सबसे पहले यहां पर पूजन अर्चन किया। जिसके बाद श्री नागचन्द्रेश्वर मंदिर की दुर्लभ प्रतिमा के पास पहुंचे, जहां भी आपके द्वारा भगवान का विशेष पूजन अर्चन कर त्रिकाल पूजा की शुरुआत की गई। इस पूजन अर्चन और आरती के बाद आपने शिखर के नीचे विराजमान भगवान के शिवलिंग का भी पूजन अर्चन कर आरती कर भोग लगाया गया, जिसके बाद आम श्रद्धालुओं का मंदिर में प्रवेश शुरू हुआ। भगवान के दर्शन का यह सिलसिला अगले 24 घंटे यानी मंगलवार रात 12 बजे तक चलता रहेगा। भगवान नागचंद्रेश्वर को कल दोपहर में दाल बाटी का भोग लगाया जाएगा।



श्री नागचन्द्रेश्वर मंदिर के पट वर्ष में एक बार 24 घंटे सिर्फ नागपंचमी के दिन खुलते हैं। हिंदू धर्म में सदियों से नागों की पूजा करने की परंपरा रही है। हिंदू परंपरा में नागों को भगवान का आभूषण भी माना गया है। श्री महाकाल मंदिर के गर्भगृह के ऊपर ओंकारेश्वर मंदिर और उसके भी शीर्ष पर भगवान श्री नागचन्द्रेश्वर का मंदिर प्रतिष्ठापित है।

हर साल दो लाख से ज्यादा श्रद्धालु करते हैं दर्शन
दरअसल, हर साल नागपंचमी के अवसर पर 24 घंटे में दो लाख से ज्यादा श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन करने पहुंचते हैं। मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह ने बताया कि महाकाल मंदिर उज्जैन में नागपंचमी 2025 के अवसर पर महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए अलग रूट और नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए अलग रूट निर्धारित किया गया है, जिससे जल्द से जल्द महाकाल के दर्शन करवाए जाने की बात भी कही गई है।


 
रात 12 बजते ही महाकाल मंदिर परिसर में स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खोल दिए जाएंगे। नागपंचमी के दिन खुलने वाले इस मंदिर के दर्शन को हजारों लोग उमड़ते हैं। अभी भी हजारों लोग कतार में लगे हैं। अगले 24 घंटे तक मंदिर भक्तों के लिए खुला रहेगा और उसके बाद एक साल के लिए बंद हो जाएगा। मंदिर के पट खोलते ही नागचंद्रेश्वर का पूजन किया जाएगा।
 
श्री नागचन्द्रेश्वर मंदिर में 11वीं शताब्दी की एक अद्भुत प्रतिमा स्थापित है। प्रतिमा में श्री नागचन्द्रेश्वर स्वयं अपने सात फनों से सुशोभित हो रहे हैं। साथ में शिव-पार्वती के दोनों वाहन नंदी एवं सिंह भी विराजित हैं। मूर्ति में श्री गणेश की ललितासन मूर्ति, उमा के दाईं ओर कार्तिकेय की मूर्ति और ऊपर की ओर सूर्य-चन्द्रमा भी अंकित हैं। इस प्रकार श्री नागचन्द्रेश्वर की मूर्ति अपने आप में भव्य एवं कलात्मकता का उदहारण है। भगवान के गले और भुजाओं में भुजंग लिपटे हुए हैं। कहते हैं कि यह प्रतिमा नेपाल से यहां लाई गई थी। ऐसी मान्यता है कि उज्जैन के अलावा दुनिया में कहीं भी ऐसी प्रतिमा नहीं है।
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श्री नागचन्द्रेश्वर मंदिर - फोटो : अमर उजाला
इस प्रतिमा के दर्शन के बाद अंदर प्रवेश करने पर भगवान श्री नागचन्द्रेश्वर की मुख्य प्रतिमा (शिवलिंग) के दर्शन होते हैं। महाकाल मंदिर में कल 29 जुलाई मंगलवार को नागपंचमी पर्व मनाया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान नागचन्द्रेश्वर के दर्शन के लिए आएंगे। इसे देखते हुए प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं।

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मंगलवार की रात्रि 12 बजे बंद होंगे पट
पट खुलने के बाद रात्रि 12 बजे विशेष पूजा-अर्चना के साथ आम भक्तों के लिए मंदिर के पट खुल जाएंगे और श्री नागचंद्रेश्वर महादेव के 29 जुलाई 2025 मंगलवार तक लगातार 24 घंटे दर्शन होंगे। मंदिर के पट मंगलवार की रात्रि 12 बजे बंद होंगे।
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श्री नागचन्द्रेश्वर मंदिर - फोटो : अमर उजाला
श्री नागचन्द्रेश्वर भगवान की होगी त्रिकाल पूजा
नागपंचमी पर्व पर भगवान श्री नागचंद्रेश्वर की त्रिकाल पूजा होगी, जिसमें सोमवार 28 जुलाई की मध्यरात्रि 12 बजे पट खुलने के बाद श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाडे़ के महंत विनीतगिरी महाराज और अन्य अधिकारियों द्वारा प्रथम पूजन व अभिषेक किया जाएगा। मंगलवार 29 जुलाई 2025 को दोपहर 12 बजे अखाडे़ द्वारा पूजन होगा। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा मंगलवार 29 जुलाई को ही श्री महाकालेश्वर भगवान की सायं आरती के बाद श्री नागचन्द्रेश्वर जी की पूजन-आरती श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी एवं पुरोहितों द्वारा की जाएगी। 29 जुलाई को रात 12 बजे के बाद भगवान श्री नागचन्द्रेश्वर महादेव के पट बंद कर दिए जाएंगे।
 

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श्री नागचन्द्रेश्वर मंदिर - फोटो : अमर उजाला
अगर आप नागपंचमी के त्योहार पर भगवान श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन करने जा रहे हैं, तो आपको ये बातें जानना बहुत जरूरी है। लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए, उज्जैन में आज से ही अत्यधिक यातायात दबाव के चलते दो दिनों के लिए डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था लागू की गई है। इन व्यवस्थाओं की जानकारी आपको घंटों तक लगने वाले जाम से बचा सकती है।
 
डायवर्जन और पार्किंग प्लान
बड़नगर से आने वाले वाहन मोहनपुरा ब्रिज के नीचे से मुरलीपुरा होते हुए भैरूपुरा से शंकराचार्य चौराहे के पास स्थित कार्तिक मेला मैदान (पी-9) में पार्क किए जाएंगे।
नागदा की ओर से आने वाले वाहन साडू माता की बावड़ी, कुत्ता बावड़ी टर्निंग से राटड़िया रोड होते हुए राठौर क्षत्रिय तेली समाज मैदान (पी-10) में पार्क किए जाएंगे।
आगर से आने वाले वाहन मकोड़ियाआम चौराहा, खाक चौक, जाट धर्मशाला, जूना सोमवारिया होकर कार्तिक मेला मैदान (पी-9) में पार्क किए जाएंगे।
आगर से आने वाली बसें व बड़े वाहन चौपाल सागर से उन्हेल नाका होते हुए साडू माता की बावड़ी, कुत्ता बावड़ी से राठौर क्षत्रिय तेली समाज मैदान (पी-10) में पार्क किए जाएंगे।
मक्सी, देवास, भोपाल, इंदौर की ओर से आने वाले चार पहिया वाहन मन्नत गार्डन (पी-5), इंपीरियल गार्डन (पी-4), कर्कराज पार्किंग (पी-7) एवं हरिफाटक ब्रिज के नीचे पार्क किए जाएंगे।
यदि पार्किंग (पी-5) भर जाती है, तो उक्त मार्गों से आने वाले वाहन इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान (पी-3) एवं प्रशांतिधाम पार्किंग (पी-1) में पार्क किए जाएंगे।
 
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श्री नागचन्द्रेश्वर मंदिर - फोटो : अमर उजाला
दोपहिया वाहन पार्किंग व्यवस्था
इंदौर, देवास, मक्सी रोड से आने वाले दोपहिया वाहन हरिफाटक चौराहे से आगे लालपुल टर्निंग से कर्कराज पार्किंग में पार्क किए जाएंगे।
बड़नगर एवं नागदा की ओर से आने वाले दोपहिया वाहन कर्कराज पार्किंग (पी-7) एवं शंकराचार्य चौराहे के पास गुरुद्वारा (प्रस्तावित अस्पताल) की भूमि (पी-11) में पार्क किए जाएंगे।
 
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श्री नागचन्द्रेश्वर मंदिर - फोटो : अमर उजाला
भारी वाहनों के लिए डायवर्जन प्लान
इंदौर से नागदा, आगर और मक्सी की ओर जाने वाले भारी वाहनों को तपोभूमि से नरवर बायपास होकर मारुति शोरूम, शैफी पेट्रोल पंप से आगे डायवर्ट किया जाएगा।
मक्सी से देवास व इंदौर की ओर जाने वाले भारी वाहन श्री सिंथेटिक्स से शैफी, मारुति शोरूम होते हुए देवास रोड, दताना होकर फोरलेन से आगे भेजे जाएंगे।
नागदा, उन्हेल से उज्जैन होकर इंदौर, देवास की ओर जाने वाले भारी वाहनों को साडू माता की बावड़ी, आगर नाका, मंडी चौराहा, पांड्याखेड़ी, पाइप फैक्ट्री चौराहा, नागझिरी होकर दताना से भेजा जाएगा। यदि उपरोक्त पार्किंग स्थल पूर्णतः भर जाते हैं, तो प्रशांतिधाम एवं शनि मंदिर पार्किंग को आकस्मिक रूप से उपयोग में लाया जाएगा।

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श्री नागचन्द्रेश्वर मंदिर - फोटो : अमर उजाला
ये वाहन प्रतिबंधित क्षेत्र
हरिफाटक टी से महाकाल घाटी चौराहा की ओर 28 जुलाई 2025 की शाम 4 बजे से वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
हरिफाटक टी से इंटरप्रिटेशन की ओर, जंतर-मंतर से जयसिंहपुरा, चारधाम पार्किंग की ओर वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।
शंकराचार्य चौराहे से नरसिंह घाट, दानीगेट और भूखी मात टर्निंग की ओर वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।
दौलतगंज से लोहा पुल, कंठाल चौराहा से छत्री चौक, तेलीवाड़ा से कमरी मार्ग, दानीगेट से गणगौर दरवाजा, केडी गेट से टंकी चौराहा, भार्गव तिराहा से कमरी मार्ग की ओर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
 
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श्री नागचन्द्रेश्वर मंदिर - फोटो : अमर उजाला
यह तैयारियां की गईं
दर्शन मार्ग व पार्किंग: श्रद्धालुओं की भीड़ नियंत्रित करने हेतु कर्कराज पार्किंग से दर्शन की कतार प्रारंभ की जाएगी। मार्ग को बेरिकेड्स से सुरक्षित किया जा रहा है।
प्रवेश व निकास अलग-अलग: प्रवेश और निकास के लिए अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
स्वास्थ्य व पेयजल सुविधा: मंदिर परिसर और दर्शन मार्ग में अस्थायी प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और पेयजल की व्यवस्था की गई है।
संकेतक और घोषणाएं: विभिन्न स्थानों पर संकेतक लगाए गए हैं एवं अनाउंसमेंट सिस्टम को सुदृढ़ किया गया है।
एयरो ब्रिज की जांच: नागचंद्रेश्वर मंदिर तक जाने वाले विशेष पुल (एयरो ब्रिज) की तकनीकी जांच कर ली गई है।
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