उज्जैन नगर निगम के लिए मतदान चल रहा है। सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। 11 बजे तक 26 प्रतिशत से ज्यादा वोट डल चुके थे। महापौर के लिए भाजपा से मुकेश टटवाल और कांग्रेस से महेश परमार मैदान में हैं।
नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण में उज्जैन नगर निगम और बड़नगर नगर पालिका परिषद के लिए बुधवार को मतदान शुरू हुआ। उज्जैन के 54 वार्डों में कुल 568 मतदान केन्द्र बनाये गये हैं। इनमें से 121 मतदान केन्द्र संवेदनशील मतदान केन्द्र के रूप में चिन्हित किए गए हैं। सभी मतदान केन्द्रों को 67 सेक्टर में बांटा गया है। उज्जैन शहर में 4 लाख 61 हजार 103 मतदाता हैं। सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ जो शाम 5 बजे तक चला। नगर पालिका बड़नगर में 18 वार्डों के लिए कुल 37 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। इनमें से 11 मतदान केन्द्र संवेदनशील हैं।
उज्जैन के वार्ड नंबर 1 में कांग्रेस महापौर प्रत्याशी और भाजपा के पार्षद प्रत्याशी के बीच विवाद हो गया। इसके बाद महापौर प्रत्याशी के सुरक्षाकर्मी पर मारपीट का आरोप भी लगा। भाजपा पार्षद प्रत्याशी ने महेश परमार पर पोलिंग बूथ में एक साथ 20 लोगों के घुसने का आरोप लगाया। इसके बाद विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। वार्ड नंबर 13 में कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी के एजेंट को बैठने से मना करने पर कांग्रेस नेता नूरी खान भड़क गई। बाद में नियम कायदे बताने के बाद पीठासीन अधिकारी एजेंट को बैठाने के लिए मान गए। वार्ड 24 में कांग्रेस और भाजपा समर्थकों में झड़प हो गई। मौके पर पुलिस बल पहुंचा और स्थिति संभाली।
भाजयुमो के पूर्व जिला उपाध्यक्ष प्रशांत चंदेरी द्वारा वार्ड 47 में वोटिंग को लीक करने का मामला सामने आया है। आरोप लगे कि प्रशांत ने भाजपा के पक्ष में वोटिंग करते हुए अपना वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर लीक कर दिया है। इधर राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश अनुसार 4 जुलाई की शाम को प्रचार थम गया था। प्रचार ख़त्म होने के 48 घंटे के अंदर कांग्रेस महापौर प्रत्याशी महेश परमार ने प्रिंट मीडिया में दूसरी बार विज्ञापन दिया। इसके लिए उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने प्रत्याशी को नोटिस भेजा है।
विज्ञापन
2 of 5
कांग्रेस प्रत्याशी महेश परमार पहुंते मतदान करने
- फोटो : सोशल मीडिया
उज्जैन नगर निगम के 54 वार्ड में अपने-अपने प्रत्याशियों के लिए सुबह से ही मंत्री, विधायक और सांसद भी वोट डालने पहुंचे। जिसमे सबसे पहले मंत्री कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी महेश परमार ने वोट डाला। इसके बाद मंत्री मोहन यादव ने वार्ड 38 में ,पूर्व मंत्री पारस जैन ने वार्ड 18 में और सांसद अनिल फिरोजिया ने वार्ड 48 में वोट डाला। भाजपा के महापौर प्रत्याशी मुकेश टटवाल परिवार के साथ वोट डालने पहुंचे। उज्जैन नगर निगम और बड़नगर नगर पालिका परिषद के चुनाव के लिए मंगलवार को मतदान दल रवाना हुआ था। उज्जैन निकाय चुनाव निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए 2200 अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
विज्ञापन
3 of 5
मतदान के लिए लगी लंबी कतार
- फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि लगभग सात साल बाद होने जा रहे चुनाव में इस बार महापौर और 54 पार्षदों को 4 लाख 61 हजार 103 मतदाता चुनेंगे। 2 लाख 30 हजार 879 पुरुष और 2 लाख 30 हजार 177 महिला मतदाता है। 47 अन्य (थर्ड जेंडर) मतदाता हैं। महापौर के लिए पांच और पार्षद के लिए 179 प्रत्याशी चुनावी मैदान में है। महापौर के पांच प्रत्याशियों में मुख्य मुकाबला कांग्रेस के महेश परमार और भाजपा के मुकेश टटवाल के बीच है। इनके अलावा बसपा से प्रकाशचंद्र नरवरिया, आप से संतोष वर्मा और निर्दलीय प्रत्याशी बाबूलाल चौहान हैं।
4 of 5
कलेक्टर आशीष सिंह सपत्नीक पहुंचे मतदान करने
- फोटो : सोशल मीडिया
मतदान के लिए 568 केंद्र बनाए हैं। इनमें से 121 संवेदनशील हैं। सभी मतदान केंद्रों पर 8500 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी की ड्यूटी लगाई है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं, खासकर संवेदनशील केंद्रों पर। सभी केंद्रों पर मंगलवार शाम तक मतदान दल पहुंच गए थे। इधर बुधवार को मतदान से पहले लोगों तक मतपर्चियां नहीं पहुंचने की शिकायतें मिली। पता करने पर यह बात सामने आई कि उनके नाम मतदाता सूची में नहीं है, कुछ ऐसे प्रकरण भी सामने आए जिनमें मतदाता का नाम दूसरे वार्ड में शामिल कर दिया गया था। वार्ड क्रमांक 53 में बीएलओ द्वारा मतदाता पर्ची वितरित नहीं करने से कांग्रेस नेता सुरेंद्र मरमट ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की। शाम तक क्षेत्र में पर्ची वितरण हो सक। शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रवि भदौरिया ने बताया कि वार्ड क्रमांक 12,14 में भी ऐसी ही समस्या थी। इससे उन्होंने कलेक्टर आशीष सिंह को अवगत करवाया। भाजपा नगराध्यक्ष विवेक जोशी ने कहा कि कुछ वार्डों में बीएलओ द्वारा पर्चियां वितरित नहीं किए जाने की समस्या सामने आई थी। पार्टी कार्यकर्ता लगाकर पर्चियां बनवाई व वितरित करवाई हैं, अब ज्यादा समस्या नहीं है। वार्ड क्रमांक 16, 32 व 33 में भी मतदाताओं को ऐसी समस्या आती रही।
मंत्री मोहन यादव पहुंचे मतदान करने
- फोटो : सोशल मीडिया
इस बार 54 वार्डों में 30 वार्डों में महिला मतदाता ज्यादा है। किसी भी पार्टी को अपना बोर्ड बनाने के लिए 28 सीटें जीतना जरूरी है। 54 में से 15 वार्ड (1, 12, 15, 16, 18, 20, 21, 22, 24, 26, 28, 31, 38, 39 व 43,) ऐसे हैं जहां भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशी में सीधी टक्कर है। सबसे कम मतदाता- 4487 वार्ड 38 में और सबसे ज्यादा 16087 मतदाता वार्ड क्रमांक 48 में हैं। भाजपा व कांग्रेस के 54-54 के अलावा आप के 14, बसपा के 4 और 53 निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें से सर्वाधिक 7-7 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला वार्ड क्रमांक 13 व 40 में है।
उज्जैन के वार्ड नं 24 में एक फर्जी वोटिंग का मामला सामने आया है। यहां की मतदाता सुनीता मगरिया जब वोट डालने पहुंची तो पता चला कि उनके नाम से पहले से ही कोई वोट डाल चुका है। मतदान केंद्र पर मोबाइल प्रतिबंधित होने के बावजूद भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी ने वोट डालते हुए अपना वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर भी डाल दिया। जिसके बाद वीडियो काफी शेयर किया जा रहा है। उज्जैन के वार्ड नं. 10 के मतदान क्रमांक 114 में दो ईवीएम मशीनें खराब हो गई। इसके बाद करीब 1 घंटे तक मतदान बाधित रहा। बाद में दोनों मशीनों को बदला गया जिसके बाद मतदान वापस चालू करवाया गया। दोपहर 3 बजे तक की स्थिति में लगभग 51 प्रतिशत तक मतदान हो चुका था।