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MP News: 21 लाख का घर बनवाया, हथेलियां बिछाकर शहीद की मां को कराया प्रवेश, देखिए दिल छू लेने वाली तस्वीरें

Thu, 14 Aug 2025 01:03 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन में शहीद समरसता मिशन ने लद्दाख में शहीद गजेंद्र राव सुर्वे के परिवार को 21 लाख का घर समर्पित किया। गृह प्रवेश के दौरान शहीद की मां को वीर माता की पदवी दी गई। इस दौरान युवाओं ने अपनी हथेलियां बिछाकर उन्हें प्रवेश कराया।
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शहीद समरसता मिशन के युवाओं की सराहनीय पहल। - फोटो : अमर उजाला
19 साल पहले 2006 में लद्दाख में शहीद हुए गजेंद्र राव सुर्वे के परिजनों को शहीद समरसता मिशन के युवाओं ने अनूठे अंदाज में सम्मानित किया। शहीद सैनिक के माता-पिता को मिशन के युवाओं ने 21 लाख रुपए का मकान बनाकर समर्पित किया। राष्ट्र शक्ति मंदिर नाम से बनाए गए इस मकान में शहीद सैनिक की माता का गृह प्रवेश भी विशेष अंदाज में करवाया गया। युवाओं ने शहीद की मां को वीर माता की पदवी देते हुए अपनी हथेलियां बिछाकर उनके ऊपर चलते हुए घर में प्रवेश करवाया।
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शहीद की मां की आंखों से छलके आंसू। - फोटो : अमर उजाला
शहीद समरसता मिशन के युवाओं का यह सम्मान पाकर शहीद सैनिक गजेंद्र राव की मां की आंखों से आंसू छलक आए। वे बार-बार अपने बेटे की शहादत को याद करती रहीं। उद्योगपुरी के पीछे स्थित सरस्वती नगर में बनाए गए इस भवन को वीर सैनिक के परिवार को समर्पित करने के बाद कालिदास अकादमी में भी विशेष सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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शहीद समरसता मिशन के युवाओं ने बनवाया घर। - फोटो : अमर उजाला
इस कार्यक्रम को उत्तराखंड के राज्यपाल और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि शहीद सैनिक के परिवार को हमेशा ऐसा ही सम्मान मिलना चाहिए। सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल बी.एस. सिसौदिया, निवृत्त संघ चालक अशोक सोहानी, उद्योगपति राजकुमार गोयल व अन्य सैनिक परिवार के सदस्यों ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
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21 लाख रुपये में बनकर तैयार हुआ घर। - फोटो : अमर उजाला
18 वर्ष पूर्व हुई थी समरसता मिशन की शुरुआत
शहीद सैनिकों के परिवारों की मदद करने और उनसे सतत संपर्क बनाए रखने की शुरुआत करीब 18 साल पहले, वर्ष 2007 में हुई थी। संस्थापक एवं राष्ट्रीय संयोजक मोहन नारायण ने अपने स्तर से अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की बलिदान भूमि, आजाद पार्क प्रयागराज से इस मिशन की नींव रखी। धीरे-धीरे लोग जुड़ते गए और अब यह मिशन 15 प्रदेशों में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। मिशन के माध्यम से सैनिक परिवारों को सम्मानित करने के लिए अब तक 300 कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। 20 शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित कर राष्ट्र शक्ति स्थल बनवाए गए हैं। वहीं, 4 सैनिक परिवारों को राष्ट्र शक्ति मंदिर (घर) बनाकर समर्पित किए गए हैं। इसके अलावा समरसता के लिए 2121 बार युवा संवाद और 48 युवा समागम कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
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