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रक्षाबंधन पर उठी अर्थी: भाई की कलाई पर बहनों ने बिलखते हुए बांधी राखी, अंतिम यात्रा में भीड़; तस्वीरें

Sat, 09 Aug 2025 03:43 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाजापुर

सार

शाजापुर के रानी बडोद गांव के सीआईएसएफ जवान मोहित सेन का मणिपुर में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। उनकी मौत संदिग्ध मानी जा रही है। रक्षाबंधन पर जवान का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो परिवार बिलख पड़ा। बहनों ने भाई को बिलखते हुए राखी बांधी।
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शहीद की अंतिम यात्रा की तस्वीरें। - फोटो : अमर उजाला
शाजापुर जिले के ग्राम रानी बडोद निवासी सीआईएसएफ के जवान मोहित सेन का मणिपुर में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। रक्षाबंधन पर शनिवार को जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो बहनें और परिवार के लोग बिलख पड़े। यह दुखद नजारा देखकर वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। इस दौरान अंतिम यात्रा में हाथों में तिरंगा थामकर बड़ी संख्या में युवा और ग्रामीण शामिल हुए।
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शहीद की अंतिम यात्रा की तस्वीरें। - फोटो : अमर उजाला
हादसे में गई थी जान
जानकारी के अनुसार, मोहित सेन (22) मणिपुर में सीआरपीएफ की 120 बटालियन में तैनात थे। गुरुवार रात को संदिग्ध हालत में उनकी मौत हो गई, जिसकी जानकारी शुक्रवार सुबह उनके भाई अंकित सेन को दी गई। मोहित के पिता आनंदीलाल सेन और भाई अंकित हेयर सैलून चलाते हैं। दो साल उनकी मणिपुर में पोस्टिंग हुई थी। 
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शहीद की अंतिम यात्रा की तस्वीरें। - फोटो : अमर उजाला
आकेदिया थाने से शुरू हुई अंतिम यात्रा
शनिवार सुबह 7:30 बजे मोहित का पार्थिव शरीर भोपाल से अकोदिया थाने पहुंचा, जहां से अंतिम यात्रा की शुरुआत हुई। इस दौरान बस स्टैंड पर जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों ने पुष्प वर्षा कर मोहित को नमन किया। बड़ी संख्या में लोग बाइक पर तिरंगा लेकर शामिल हुए। डीजे पर देशभक्ति गीतों के बीच यात्रा शहीद के निवास स्थान पहुंची, जहां माता-पिता और परिजन रो-रोकर बेहाल थे। इसके बाद अंतिम यात्रा मुक्ति धाम पहुंची, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए।

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राेते बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
बहनों ने भाई की कलाई पर बांधी राखी
इधर, रक्षाबंधन के दिन मोहित का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई। उनकी चचेरी बहनों मोनिका, राधिका और सोनिका ने राखी बांधकर अपने दिवंगत भाई को अंतिम विदाई दी। अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। यात्रा के दौरान हर किसी की आंखें नम हो गईं।
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शहीद की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
अंतिम यात्रा में हुए शामिल
120 बटालियन के जवानों ने सलामी देकर मोहित सेन को अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक घनश्याम चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिसोदिया, पूर्व सैनिक और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। श्रद्धांजलि सभा में विधायक ने घोषणा की कि स्थानीय हाई स्कूल का नाम मोहित सेन के नाम पर रखा जाएगा और उनकी स्मृति में एक स्मारक भी बनाया जाएगा।
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