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Kubereshawar Dham: गुरू पूर्णिमा उत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब, तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे

Mon, 03 Jul 2023 08:30 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
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कुबेरेश्वर धाम में उमड़ा आस्थावानों का सैलाब - फोटो : अमर उजाला
जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में जारी त्रिदिवसीय गुरू पूर्णिमा महोत्सव के दूसरे दिन भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरू को अत्यधिक सम्मानित स्थान प्राप्त है। गुरु और शिष्य के बीच सबसे बड़ी बात यह है कि गुरू के हर आदेश का पालन करना है। भरोसा, आस्था और विश्वास पक्का होना चाहिए। कोई भी प्रार्थना बेकार नहीं जाती। अपनी आस्था बनाए रखो और डर को परे रखो। जीवन एक रहस्य है जिसे तुम्हें खोजना है। यह कोई समस्या नहीं जिसे तुम्हें सुलझाना है। अगर तुम यह जान जाओ कि जीना कैसे है तो जीवन सचमुच बेहद आश्चर्यजनक है। गुरू पर भरोसा और समर्पण का भाव रखेंगे तो जीवन सफल हो जाएगा। 

रविवार को दोपहर प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के गुरू रामकृष्ण परमहंस एक अद्भुत संत थे। जब स्वामी जी ने कहा कि गुरू कैसा होना चाहिए। तो संत परमहंस ने कहा कि गुरू पर विश्वास पक्का होना चाहिए। गुरू अपने शिष्य को दो चीज देता है, एक विश्वास और दूसरा उसको विषम परिस्थितियों में उभराने का मंत्र। गुरू का महत्व बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरू को अत्यधिक सम्मानित स्थान प्राप्त है। भारतीय इतिहास पर नजर डालें तो उसमें गुरू की भूमिका समाज को सुधार की ओर ले जाने वाले मार्गदर्शक के रूप में होने के साथ क्रान्ति को दिशा दिखाने वाली भी रही है। भारतीय संस्कृति में गुरू का स्थान ईश्वर से भी ऊपर माना गया है। भक्ति कभी समाप्त नहीं होना चाहिए, मनुष्य की इच्छा और आकांक्षा कभी समाप्त नहीं होना चाहिए।
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गुरू पूर्णिमा अवसर पर आज भी होगा कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला
आस्था और विश्वास से होता चमत्कार
इस दौरान यहां पर आए पत्र को पढ़ते हुए भागवत भूषण पंडित मिश्रा ने कहा कि भगवान के भरोसे और आस्था से चमत्कार होते है, लाइलाज बीमारियों का अंत होता है। महाराष्ट्र नासिक से आए पति-पत्नी का पत्र दिखाते हुए पंडित मिश्रा ने कहा कि नासिक की शोभा माणिक पाटिल ने बताया कि मेरे परिचित को कैंसर हो गया था, हमारे मित्र-परिचित के लिए कुबेरेश्वरधाम से बाबा पर भरोसा कर यहां पर होने वाले रुद्राक्ष को ले गए और बीमारी से मुक्ति मिली।

आज भव्य गुरू दीक्षा का आयोजन
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि कुबेरेश्वरधाम पर हर साल की तरह इस साल भी त्रिदिवसीय गुरू पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। सोमवार को पावन पूर्णिमा के अवसर पर सुबह सात बजे बाबा की महाआरती का आयोजन किया जाएगा, इसके बाद सुबह आठ बजे से दस बजे तक गुरू दीक्षा प्रदान की जाएगी।
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लाखों श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी - फोटो : अमर उजाला
प्रदीप मिश्रा ने दिए तीन मंत्र
ऐसे गुरू की तलाश करें, जिसने अपने भीतर के अंधकार को समाप्त कर ज्ञान की ज्योति प्रज्जवलित कर ली हो।
गुरू और शिष्य के बीच सबसे बड़ी बात ये थी कि गुरू के हर आदेश का पालन करते थे और काम सफल भी हो जाते थे।
जब तक भगवान शंकर की कृपा नहीं होती तब तक मनुष्य एक कदम भी भगवान की ओर नहीं बढ़ा सकता।

लाखों श्रद्धालुओं ने की प्रसादी ग्रहण
बारिश से राहत मिलने के कारण जिला मुख्यालय के पास चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां पर प्रवचन और गुरू दीक्षा के त्रिदिवसीय कार्यक्रम में आ रहे हैं। यहां पर प्रशासन और समिति के द्वारा श्रद्धालुओं के ठहरने के साथ ही अन्य व्यवस्था की है। रविवार को भी करीब ढाई लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यहां पर जारी भंडारे में प्रसादी ग्रहण की। सोमवार को भी सुबह से निरंतर भंडारे का क्रम जारी है। यहां पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं को निशुल्क प्रसादी और रुद्राक्ष वितरण जारी रहेगा।
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