बुंदेलखंड रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव
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जिले को थी ये उम्मीदें
सागर की पहचान एक समय चांदी उद्योग के रूप में थी। फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में चनौआ में टमाटर, चितौरा में मिर्ची, जैसीनगर की हल्दी और शाहगढ़ में देसी घी के उत्पादन की इकाइयां स्थापित किए जाने की पर्याप्त संभावनाएं हैं। यदि यह प्रयास किए जाते तो सागर फूड प्रोसेसिंग और उत्पादन का हब बन सकता था। इसी प्रकार, शाहगढ़ और हीरापुर क्षेत्र में खनिज उत्पादन इकाइयां स्थापित किए जाने की भी बेहतर संभावनाएं हैं। यहां रॉक फॉस्फेट, डोलोमाइट, जिप्सम, सोप स्टोन और आयरन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। शाहगढ़ का खनिज पूरे देश में विख्यात है, एक समय शाहगढ़ के काले पत्थर की विदेश में 'काले सोने' के रूप में पहचान थी।