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Ram Raja Mandir: ओरछा के राम राजा मंदिर में दर्शन का समय बदला, सुबह 9 और शाम 7 बजे खुलेंगे मंदिर के पट

Mon, 10 Oct 2022 12:52 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, निवाड़ी

सार

Ram Raja Mandir: ओरछा के राम राजा मंदिर में दर्शन का समय बदला, सुबह 9 और शाम 7 बजे होंगे दर्शन
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राम राजा सरकार के दर्शन का समय बदला - फोटो : अमर उजाला
बुंदेलखंड की अयोध्या के नाम से मशहूर ओरछा रामराजा मंदिर के दर्शन का समय बदल गया है। हर साल शरद पूर्णिमा के अगले दिन से मंदिर के समय में परिवर्तन किया जाता है। इस साल भी आज से यानि की 10 अक्टूबर से सुबह 9 और शाम को 7 बजे दर्शनार्थी राम राजा सरकार के दर्शन कर सकेंगे। प्राचीन परंपराओं के अनुसार हर साल मौसम परिवर्तन के साथ ही मंदिर का समय बदला जाता है। ओरछा का राम राजा सरकार मंदिर देश का इकलौता मंदिर है, जहां भगवान राम को राजा के रूप में पूजा जाता है। दरबार खुलने की परम्परा का राजसी तरीके से ही निर्वहन किया जाता है।
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मौसम परिवर्तन के अनुसार बदल जाता है मंदिर का समय - फोटो : सोशल मीडिया
आरती के समय में भी बदलाव
10 अक्टूबर सोमवार से रामराजा सरकार का दरबार सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक और शाम को 7 बजे से रात 9:30 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। मंदिर में चली आ रही राजसी परंपरा के अनुसार हर साल गर्मी और बारिश के आठ माह फाल्गुन से कंवार के महीने की शरद पूर्णिमा तक रामराजा सरकार का दरबार सुबह 8 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक खुलता है। दोपहर में राजभोग आरती के बाद भगवान विश्राम करते हैं। इसलिए दोपहर में पट बंद रहते हैं जबकि शाम को 8 बजे संध्या आरती व रात को 10:30 बजे शयन आरती होती है। सोमवार से 7 बजे संध्या आरती व रात 9:30 बजे शयन आरती होगी।
 
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राम राजा को सलामी देती है पुलिस - फोटो : सोशल मीडिया
पुलिस देती है सलामी
भगवान राम को ओरछा में राजा के रूप में पूजा जाता है, बतौर राजा उन्हें दिन के चार पहर सलामी भी दी जाती है। यह परम्परा यहां अंग्रेजी शासन काल के पूर्व से चली आ रही है। वर्तमान में यहां एमपी पुलिस सलामी देती है। ओरछा में भगवान राम के अलावा किसी भी वीआईपी को सलामी नहीं दी जाती है।

कहा जाता है कि भगवान श्रीराम के दो निवास खास हैं। भगवान दिनभर ओरछा में रहने के बाद शयन के लिए अयोध्या चले जाते हैं। प्रतिदिन रात में ब्यारी (संध्या) की आरती होने के बाद ज्योति निकलती है, जो कीर्तन मंडली के साथ पास ही पाताली हनुमान मंदिर ले जाई जाती है। मान्यता है कि ज्योति के रूप में भगवान श्रीराम को हनुमान मंदिर ले जाया जाता है, जहां से हनुमान जी शयन के लिए भगवान श्रीराम को अयोध्या ले जाते हैं।
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