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MP News: मंकीपॉक्स का खतरा 12 देशों में पहुंचा, मध्य प्रदेश में अलर्ट, गृहमंत्री मिश्रा बोले- घबराने की जरूरत नहीं

Mon, 23 May 2022 01:01 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

दुनियाभर में कोरोना वायरस के बाद अब मंकीपॉक्स का खतरा तेजी से बढ़ गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सोशल मीडिया पर इस वायरस को लेकर देशों की सरकारों को आगाह किया है। पिछले दस दिन में 12 देशों में 92 मंकीपॉक्स मामलों की पुष्टि हुई है।
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दुनियाभर में मंकीपॉक्स का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। - फोटो : सोशल मीडिया
कोरोना के बाद अब पूरी दुनिया में मंकीपॉक्स का खतरा बढ़ गया है। यह वायरस चिकनपॉक्स परिवार का सदस्य है। WHO ने इसे लेकर अलर्ट किया है। मध्य प्रदेश में भी सरकार अलर्ट है। 

दुनियाभर में कोरोना के बाद अब मंकीपॉक्स का खतरा तेजी से बढ़ गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सोशल मीडिया पर इस वायरस को लेकर देशों की सरकारों को आगाह किया है। पिछले दस दिन में 12 देशों में 92 मंकीपॉक्स मामलों की पुष्टि हुई है। आगे भी मामले तेजी से बढ़ सकते हैं। इस वजह से सावधान रहने की जरूरत है। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। हम इस पर नजर रखे हुए हैं। 


 
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पिछले दस दिन में 12 देशों में 92 मंकीपॉक्स मामलों की पुष्टि हुई है। - फोटो : सोशल मीडिया
WHO के मुताबिक यह वायरस कई देशों में कुछ जानवरों में पहले से मौजूद है। स्थानीय स्तर पर लोग और यात्रियों में प्रकोप दिखा है। हम अपने पार्टनर्स के साथ मंकीपॉक्स फैलने के संबंध में गंभीरता से काम कर रहे हैं। अभी तक मंकीपॉक्स का वायरस ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, स्पेन, पुर्तगाल, फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैंड, स्वीडन और इटली में मिला है। किसी की मौत नहीं हुई है। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा बोले कि हमने सभी जगह नजर रखी हुई है। मंकीपॉक्स को लेकर नजर रख रहे हैं। मध्य प्रदेश में इस समय कोई संभावना नहीं दिख रही है। घबराने की जरूरत नहीं है। इसके बावजूद हमने सभी संबंधित विभागों को इसकी सूचना कर दी है।  
 
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मंकीपॉक्स एक व्यक्ति से दूसरे में फैलेगा, इसकी आशंका कम है। - फोटो : सोशल मीडिया
कैसे होता है मंकीपॉक्स
यह मंकीपॉक्स नाम के वायरस से होता है। ऑर्थो पॉक्स वायरल ग्रुप का सदस्य है। चेचक और काउपॉक्स जैसे इंफेक्शन का कारण बनते हैं। मंकीपॉक्स एक व्यक्ति से दूसरे में फैलेगा, इसकी आशंका कम है। संक्रमित व्यक्ति के छींकने-खांसने से निकलने वाले ड्रॉपलेट्स, घावों के संपर्क में आने से यह फैलता है।
 
कैसे होता है इलाज
चेचक उन्मूलन कार्यक्रम में टीकों ने मंकीपॉक्स से भी सुरक्षा प्रदान की। नए टीके विकसित किए गए हैं। एक एंटीवायरल एजेंट को मंकीपॉक्स के इलाज के लिए लाइसेंस दिया गया है।
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