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MP News: लिव-इन में रह रही दृष्टिहीन महिला हुई गर्भवती, चाइल्डलाइन ने कराया पार्टनर से विवाह

Tue, 29 Nov 2022 01:38 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

दमोह जिले में एक अलग तरह का मामला सामने आया है। लिव-इन रिलेशन में रह रही दृष्टिहीन महिला गर्भवती हो गई। इस पर चाइल्डलाइन ने उसके लिव-इन पार्टनर के साथ उसका विवाह कराया, ताकि उसे और उसके बच्चे को सभी सुविधाएं मिल सके।  
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दमोह में दृष्टिहीन महिला के साथ युवक ने किया विवाह। - फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश के दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में एक अलग तरह का मामला सामने आया है। युवक एक साल से दृष्टिहीन महिला के साथ लिव-इन था। इस दौरान महिला गर्भवती हो गई। आंगनवाड़ी में रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ क्योंकि शादीशुदा नहीं था। इस पर चाइल्डलाइन लिव-इन पार्टनरों की शादी कराई, ताकि उन्हें सभी सुविधाएं मिल सके। 

दमोह जिला कलेक्टर के कार्यालय में सोमवार को यह विवाह संपन्न हुआ। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल भी इस दौरान मौजूद रहे। उन्होंने नवविवाहित दंपती को शुभकामनाएं दी हैं। 
 
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दमोह में वैवाहिक बंधन में बंधने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए नववधु। - फोटो : अमर उजाला
एक साल से रह रहे थे साथ 
तेंदूखेड़ा ब्लॉक के 27 मील गांव निवासी राघवेंद्र सिंह गोंड एक  साल पहले छत्तीसगढ़ के बिलासपुर गए थे। वहां कलंदरी विश्वकर्मा से मुलाकात हुई। कलंदरी दोनों आंखों से देख नहीं सकती। वह दृष्टिहीन है। राघवेंद्र के कहने पर वह उसके साथ रहने तेंदूखेड़ा आ गई। दोनों परिवार के साथ रहने लगे। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। राघवेंद्र उसे आंगनवाड़ी ले गया तो वहां शादी-शुदा नहीं होने की वजह से रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ। तब चाइल्डलाइन को सूचना दी गई। उसके हस्तक्षेप के बाद कलंदरी और राघवेंद्र वैवाहिक बंधन में बंध गए। 

 
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दमोह में केंद्रीय मंत्री ने नवविवाहित दंपती को दी शुभकामनाएं। - फोटो : अमर उजाला
कागजी कार्यवाही से हुआ विवाह
चाइल्डलाइन को सूचना मिली तो उसने गांव पहुंचकर दोनों की शादी की पहल की। दमोह कलेक्टर दफ्तर में कागजी कार्यवाही कर दोनों का विवाह संपन्न कराया। इसके बाद दोनों को सरकारी सुविधाओं का लाभ भी शुरू हो गया। इस दौरान एक बैठक में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल ने भी नवदंपती को शुभकामनाएं दी। 

दोनों परिवार है खुश 
लड़की की मां बैसखिया इस विवाह से काफी खुश है। उनकी बेटी के साथ-साथ बेटा भी दृष्टिहीन है। बैसखिया ने उसकी दृष्टिहीन बेटी का हाथ थामने वाले राघवेंद्र की तारीफ की। वहीं, राघवेंद्र की मां संतोष रानी गौड़ ने बताया कि वह भी काफी खुश हैं क्योंकि उनकी बहू भले ही दोनों आंखों से देख नहीं सकती, लेकिन वह घर का पूरा काम कर लेती है। इससे उन्हें काफी खुशी है।   
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