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MP: विश्व पटल पर चमका इंदौर का सितारा, सुमेध श्रीवास्तव ने भारत के लिए जीता रजत पदक

Wed, 05 Aug 2026 10:35 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर के युवा खिलाड़ी सुमेध श्रीवास्तव ने नई दिल्ली में आयोजित 18वीं वर्ल्ड एस्क्रीमा काली आर्निस चैंपियनशिप के पैडेड स्टिक इवेंट में रजत पदक जीतकर भारत और मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया। खेल और पढ़ाई दोनों में उत्कृष्ट सुमेध ने अब अगले वर्ष स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगा ऊंचा लहराने का लक्ष्य रखा है। 

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सुमेध श्रीवास्तव - फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के होनहार खिलाड़ी सुमेध श्रीवास्तव ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत और मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। नई दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में वर्ल्ड एस्क्रीमा काली आर्निस फेडरेशन के तत्वावधान में आयोजित 18वीं वर्ल्ड एस्क्रीमा काली आर्निस चैंपियनशिप (मार्शल आर्ट्स) में सुमेध ने पैडेड स्टिक इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार प्रदर्शन किया और रजत पदक अपने नाम किया।

कोच मास्टर सईद आलम ने बताया कि इस प्रतिष्ठित विश्व चैंपियनशिप में भारत सहित 13 देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में फिलीपींस, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, नीदरलैंड, जर्मनी, चीन, रीयूनियन आइलैंड, अमेरिका, थाईलैंड, मलेशिया, यूनाइटेड किंगडम तथा मेजबान भारत के खिलाड़ियों के बीच बेहद रोमांचक और उच्च स्तरीय मुकाबले हुए। 

 
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18वीं वर्ल्ड एस्क्रीमा काली आर्निस चैंपियनशिप में सुमेध - फोटो : अमर उजाला
चार साल की उम्र में जीता कांस्य पदक 
सुमेध ने कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाना शुरू कर दिया था। मात्र चार वर्ष की आयु में गोवा में आयोजित नेशनल आर्निस चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई थी। इसके बाद वर्ष 2024 में कुरुक्षेत्र में आयोजित नेशनल आर्निस चैंपियनशिप के पैडेड स्टिक इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया। मास्टर सईद आलम ने बताया कि सुमेध की इस सफलता के पीछे वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासित प्रशिक्षण, निरंतर अभ्यास और देश के लिए कुछ बड़ा करने का जज़्बा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल इंदौर या मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है और इससे आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी।

 
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मेडल के साथ सुमेध - फोटो : अमर उजाला
खेल के साथ-साथ सुमेध शिक्षा के क्षेत्र में भी लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहे हैं। वे अपने विद्यालय द मिलेनियम स्कूल, इंदौर के मेधावी विद्यार्थियों में शामिल हैं और अपने शैक्षणिक जीवन में लगातार कक्षा के टॉपर रहे हैं। गत वर्ष भी उन्होंने अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्हें विद्यालय का जूनियर हेड बॉय चुना गया तथा उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए स्टार ऑफ टीएमएस सम्मान भी प्राप्त हुआ। विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने अनेक पदक अर्जित किए हैं। खेल, शिक्षा, नेतृत्व और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में सुमेध अब तक लगभग 40 पदक और सम्मान अपने नाम कर चुके हैं।
सुमेध की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से उनके पिता डॉ. सुबोध श्रीवास्तव और माता नंदिता श्रीवास्तव बेहद गौरवान्वित हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें सुमेध जैसा बेटा मिला, जिसने इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया। उनके अनुसार, यह पूरे परिवार, इंदौर, मध्यप्रदेश और देश के लिए गर्व का क्षण है।

 
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सुमेध अपने माता-पिता के साथ - फोटो : अमर उजाला
रजत पदक जीतने के बाद सुमेध ने कहा कि मेरा लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना था। रजत पदक मिलने की खुशी है, लेकिन मैं अपने लक्ष्य तक अभी नहीं पहुंचा हूं। इसलिए प्रतियोगिता समाप्त होते ही मैंने अगले ही दिन से फिर अभ्यास शुरू कर दिया है। मेरा संकल्प है कि अगले वर्ष भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगा सबसे ऊंचा लहराऊंगा। आर्निस के साथ-साथ मैं अन्य मार्शल आर्ट्स प्रतियोगिताओं में भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अधिक से अधिक पदक देश की झोली में डालने का पूरा प्रयास करूंगा। सुमेध की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, विभिन्न खेल संगठनों, प्रशिक्षकों एवं शहरवासियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। कम उम्र में अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्टता का जो उदाहरण सुमेध ने प्रस्तुत किया है, वह देशभर के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। 
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