श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शिवना घाट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों के साथ होमगार्ड के गोताखोर भी तैनात रहे। नाव के जरिए शिवना नदी में पूरे दिन गश्त की गई, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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मंदसौर की शिवना नदी में स्नान को उमड़े लोग
- फोटो : अमर उजाला
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को पशुपतिनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन और पूजन के लिए पहुंचे। भक्तों ने शिवना नदी में आस्था की टाटियां प्रवाहित कर परिवार की खुशहाली की कामना की।
सुबह से ही पशुपतिनाथ मंदिर में भक्तों का आना शुरू हो गया था, जो देर शाम तक जारी रहा। कार्तिक मास में व्रत रखने वाली महिलाओं और युवतियों ने शिवना नदी में स्नान कर दीपदान किया और भगवान पशुपतिनाथ की पूजा-अर्चना की।
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भगवान पशुपति दर्शन को उमड़े लोग
- फोटो : अमर उजाला
वर प्राप्ति और सुख-समृद्धि की कामना
पौराणिक मान्यता के अनुसार, कार्तिक मास में व्रत रखने वाली युवतियों को भगवान शिव के समान वर की प्राप्ति होती है। वहीं, महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं, जिसका समापन कार्तिक पूर्णिमा के दिन होता है। सुबह से ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जबकि शाम के समय शहरी क्षेत्र की महिलाएं और युवतियां दीपदान के लिए आईं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शिवना घाट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों के साथ होमगार्ड के गोताखोर भी तैनात रहे। नाव के जरिए शिवना नदी में पूरे दिन गश्त की गई, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
भगवान पशुपति दर्शन को उमड़े लोग
- फोटो : अमर उजाला
नगर पालिका की लापरवाही से नहीं सजा मेला
पशुपतिनाथ मंदिर के समीप हर साल नगर पालिका द्वारा आयोजित मेले में इस बार अव्यवस्थाओं का आलम दिखा। मेले में दुकानें और झूले-चकरी समय पर नहीं लग पाए, जिससे श्रद्धालु मायूस नजर आए। व्यापारियों ने बताया कि नगर पालिका की लेट-लतीफी के कारण दुकानें आवंटित करने में देरी हुई, जिससे व्यापार प्रभावित हुआ। ग्रामीण क्षेत्र से आए श्रद्धालुओं को भी निराशा हाथ लगी।
दीपों की रोशनी से जगमगाया शिवना घाट
रात्रि के समय हजारों दीपों की रोशनी से शिवना घाट जगमगाता रहा। श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।