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पुणे की प्रीति कैसे बनी इंदौर की ड्रग वाली आंटी? सुनहरे सपनों से नशे के कारोबार तक की कहानी

Mon, 14 Dec 2020 11:40 AM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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प्रीति उर्फ 'ड्रग वाली आंटी' - फोटो : सोशल मीडिया
स्वाद और मिजाज के लिए मशहूर इंदौर आजकल नशे की गिरफ्त में है। यहां ड्रग्स की ऐसी दुनिया का खुलासा हुआ, जिससे हर कोई हैरान है। ...और इसकी वजह है ड्रग वाली आंटी, जो इस वक्त सुर्खियों में है। पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि ड्रग वाली आंटी का असली नाम प्रीति है और वह पुणे से ताल्लुक रखती थी और अपने बेटे को पायलट बनाना चाहती थी। इस रिपोर्ट में जानते हैं कि पुणे की प्रीति आखिर कैसे बन गई इंदौर की ड्रग वाली आंटी? कैसे उसके सुनहरे सपनों के सफर ने नशे के कारोबार का रास्ता पकड़ लिया?
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इंदौर में ऐसे सामने आया 'खौफनाक सच'

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
इंदौर पुलिस को शहर में ड्रग्स की धड़ाधड़ सप्लाई होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद सबूतों की तलाश शुरू हुई, लेकिन हाथ कुछ खास नहीं लगा। ऐसे में एसआई प्रियंका शर्मा को ग्राहक बनाकर ड्रग पैडलर के पास भेजा गया, लेकिन शुरुआत में इससे कोई खास मदद नहीं मिली। एसआई प्रियंका ने हिम्मत नहीं हारी और वह लगातार 10 दिन तक ड्रग पैडलर से मिलती रही। इसके बाद पैडलर को प्रियंका ड्रग्स एडिक्ट लगी और उसने एसआई को ड्रग्स के नेटवर्क में शामिल कर लिया। दरअसल, पैडलर बिना जान पहचान किसी को भी ड्रग्स नहीं देते हैं।
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खुलासा हुआ तो हर कोई रह गया हैरान

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
इंदौर में ड्रग्स के नेटवर्क का खुलासा हुआ तो हर कोई हैरान रह गया। दरअसल, शहर का कोई भी पब नहीं बचा था, जिसमें नशे के इन सौदागरों की पैठ नहीं थी। इसके अलावा रेस्तरां, पूल क्लब भी उनके निशाने पर थे। जिम के रास्तों से भी युवाओं की नसों में नशे का जहर घोला जा रहा था। शहर के कई रईस युवक और युवतियां ड्रग्स के इस जाल में फंसाए जा चुके थे। उन्हें नशे की लत इस कदर लग गई कि मौत का यह सामान खरीदने के लिए वे खुद ही एबी रोड पहुंच जाते थे। 

जिम से भी हो रही थी ड्रग्स की सप्लाई

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जिम - फोटो : अमर उजाला
पुलिस जांच में सामने आया कि जिम के रास्ते से भी ड्रग्स की सप्लाई हो रही थी। इस दौरान पुलिस के हत्थे जिम ट्रेनर धीरज सोनतिया चढ़ा, जो वर्कआउट के लिए आने वालों को नशे की लत लगाता था। वह वजन कम करने की दवा बताकर लोगों को ड्रग्स देता था।
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फिर सामने आई 'ड्रग वाली आंटी'

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प्रीति उर्फ 'ड्रग वाली आंटी' - फोटो : सोशल मीडिया
पुलिस ने ड्रग्स के नेटवर्क के खुलासे के दौरान जिम ट्रेनर धीरज के अलावा कई लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें दो युवतियों समेत छह पैडलर शामिल थे। इनकी पहचान पैडलर सोहन उर्फ जोजो, कपिल पाटनी, विक्की परिआणी, याशमीन, आफरीन और सद्दाम के रूप में हुई। आरोपियों से पूछताछ के दौरान ड्रग वाली आंटी का नाम सामने आया, जो स्कीम-78 में रहती थी। पुलिस ने उसे पकड़ा तो इंदौर में चल रहे नशे के कारोबार का बड़ा सिरा हाथ लग गया। उसने शहर के कई पब, रेस्तरां, कैफे, पूल क्लब और जिम में ड्रग्स सप्लाई करने की बात कबूली। साथ ही, गोवा और मुंबई के नाइजीरियन तस्करों से तार जुड़े होने की जानकारी दी। ड्रग वाली आंटी ने बताया कि वह हर महीने 10 लाख रुपये का माल बेचती थी।
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नशे के कारोबार ने बनाया करोड़पति

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फर्जी कागजात - फोटो : सोशल मीडिया
पुलिस के हत्थे चढ़ी ड्रग वाली आंटी ने अपनी कहानी सुनाई तो हर कोई सिहर गया। उसने बताया कि नशे के इस कारोबार से कैसे वह सिर्फ पांच साल में करोड़पति बन गई। साथ ही, उसने पुणे की प्रीति से इंदौर की ड्रग वाली आंटी बनने की पूरी दास्तां बयां की। दरअसल, आरोपी महिला ने दावा किया कि उसका असली नाम प्रीति है और वह पुणे की रहने वाली है। हालांकि, पुलिस इसे सच नहीं मान रही है, क्योंकि उसके पास कई आईडी कार्ड मिले, जिन पर प्रीति, सपना, प्रेरणा और काजल आदि नाम लिखे हैं।
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पुणे की प्रीति कैसे बनी ड्रग वाली आंटी?

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प्रीति उर्फ 'ड्रग वाली आंटी' - फोटो : सोशल मीडिया
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी महिला ने बताया कि उसका असली नाम प्रीति है और वह पुणे की रहने वाली है। उसने अंग्रेजी में एमए किया। इसके अलावा हिंदी और मराठी पर भी उसकी काफी अच्छी पकड़ है। उसकी शादी धार जिले के कुक्षी में दीपक नाम के शख्स से हुई थी, लेकिन प्रीति के सपने बड़े थे। ऐसे में किसी न किसी बात को लेकर उनका विवाद होता रहता था। साल 1991 में उसने अपने पति को छोड़ दिया और अपने बेटे के साथ इंदौर आ गई। ड्रग वाली आंटी ने बताया कि वह अपने बेटे को पायलट बनाना चाहती थी, लेकिन इंदौर में उसकी मुलाकात ऋचा नाम की युवती से हुई। ऋचा ने रुपयों का लालच दिया तो वह ड्रग्स के कारोबार में कूद पड़ी। शुरुआत में वह इंदौर के एक मॉल में रियल स्टेट कंपनी में बतौर पार्टनर का काम करने लगी। दिन में वह रियल स्टेट का काम संभालती और रात में पार्टी व पब में ड्रग्स सप्लाई करने लगी। फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने के कारण वह जल्द ही रईसों से घुलमिल जाती थी। ड्रग्स की सप्लाई करते-करते उसका नाम 'ड्रग वाली आंटी' पड़ गया।

200 से ज्यादा रईस नशे की गिरफ्त में, दिल्ली में भी 'कनेक्शन'

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
इंदौर पुलिस के मुताबिक, ड्रग्स वाली आंटी से एमडी ड्रग्स और कोकिन ‘कोक’ नामक ड्रग्स लेने वाले काफी लोग जुड़े हुए थे। इनमें 200 से ज्यादा हाई प्रोफाइल परिवार और युवक-युवतियां शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली के एक बड़े कारोबारी से भी ड्रग वाली आंटी का कनेक्शन होने की जानकारी मिली है। जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला का बेटा यश थाईलैंड और मलेशिया में हथियारों के सौदागरों के संपर्क में है। पुलिस उसके खिलाफ भी सबूत जुटा रही है। फिलहाल यश फरार है।

आंटी का बंगला भी खंगालेगी पुलिस

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प्रीति उर्फ 'ड्रग वाली आंटी' - फोटो : सोशल मीडिया
पुलिस ड्रग्स वाली आंटी का बंगला भी खंगालने में जुट गई है। यह बंगला एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी का बताया जा रहा है, जिसे आरोपी महिला ने किराए पर ले रखा था। बताया जा रहा है कि बंगले में कई कमरों को लग्जरी और साउंडप्रूफ बना दिया था, जिसमें वह देर रात तक पार्टी करती थी। वहीं, साउंडप्रूफ होने की वजह से आसपास के लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगती। इस बीच पुलिस को ड्रग सप्लायर सागर जैन के बारे में भी जानकारी मिली है। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है।

इन कोडवर्ड से होती थी ड्रग्स की सप्लाई

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ड्रग्स - फोटो : सोशल मीडिया
पुलिस के मुताबिक, ड्रग्स सप्लाई के लिए कोडवर्ड का इस्तेमाल होता था। इन कोडवर्ड की जरिए ही ग्राहकों की डिमांड पूरी की जाती थी। आरोपियों ने एमडीएमए का नाम 'रिया, म्याऊं, म्याऊं, दवाई और मम्मी' रख लिया था। ऐसे में पुलिस ने अपने ऑपरेशन का नाम 'ऑपरेशन रिया' रखा था।
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ड्रग्स के कारोबार पर राजनीति भी शुरू

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान - फोटो : twitter.com/OfficeofSSC
ड्रग वाली आंटी का मामला सामने आने के बाद मध्यप्रदेश में राजनीति गरमाने लगी है। दरअसल, आंटी के बेटे यश के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इन तस्वीरों में वह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ नजर आया। ऐसे में कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा कि आंटी और उसके बेटे को भाजपा का संरक्षण था। वह हर जगह भाजपा कार्यकर्ता के रूप में नजर आता था। अब आंटी के पकड़े जाने के बाद सरकार ड्रग माफिया पर कार्रवाई का दिखावा कर रही है। इस पर भाजपा ने भी पलटवार किया है। भाजपा के नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में हजारों लोग मिलते हैं और फोटो भी खिंचवा लेते हैं। कांग्रेस को अपने गिरेहबान में झांकना चाहिए।
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