बकरी का बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
सीनियर वेटरनरी सर्जन डॉ. आरसी पांचाल ने बताया, ये आनुवांशिक विकार (जेनेटिक डिसऑर्डर) है। जब भ्रूण का विकास होता है तो उस समय दोष हो जाता है। उन्होंने बताया कि ये कोई चमत्कार नहीं है, बाल्कि नेचुरल है। भ्रूण विकास के समय तीन प्रकार की परतें होती हैं एक्टोडर्म, मेसोडर्म और एंडोडर्म। इन तीन लेयर्स से भ्रूण बनता है। इसमें किसी प्रकार का आनुवंशिक दोष होने से इस प्रकार की विकृति आ जाती है।