हादसे के बाद अस्पताल में सिर्फ रोने-चीखने की आवाजें ही आ रही थीं।
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मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी जालम सिंह ने बताया कि गांव के कुछ लोग माता की मूर्ति ठंडी करने गए थे। ऊपर पाल था तो वहां मना कर दिया गया। फिर वापस लाने लगे ट्रैक्टर। ड्राइवर पर दवाब बनाने लगे कि पुराने रास्ते पर ले चल। उसने मना कर दिया तो उसे कहा कि जो भी होगा जवाबदारी हमारी। सुखलाल और रुमाल सहित कुछ लोगों ने उसे जोर देकर कहा कि ट्रॉली पुराने रास्ते पर डाल। वो डायरेक्टर अंदर गया, जैसा मुंह था वैसा, अंदर जाते ही ट्रॉली पलटी खा गई। उसमें बैठे सभी लोग दब गए। जो थोड़े ऊपर थे, वो लोग बाहर आ गए। अंदाजन ट्रॉली में 40 लोग होंगे। हादसा जामली डैम में हुआ। हादसे के बाद अफरातफरी मच गई। अभी दस लोगों के शव मिल गए हैं। दो-तीन का पता नहीं है। तीन को खंडवा ले गए हैं।