फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्यार, शक और हत्या: छाती पर चढ़कर घोंटा गला, शव से बनाए संबंध; एमबीए छात्रा हत्याकांड की अब तक की पूरी दास्तां

Sun, 22 Feb 2026 07:47 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में बीते दिनोंं हुई एमबीए की छात्रा की हत्या का मामला सुर्खियों में है। आरोपी जेल में है। पर जांच में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब पता चला है कि आरोपी पीयूष छात्रा पर पूरी तरह नजर रखता था। उसने छात्रा का वॉट्सएप भी हैक कर रखा था, जिसे पर वो उसकी सारी चैट पढ़ता था। अब तक हुई जांच में शक की वजह से हत्या करना माना जा रहा है। पढ़ें मामले में शुरू से अब तक क्या हुआ- 
विज्ञापन
1 of 4
इंदौर एमबीए छात्रा हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के इंदौर में बीते दिनों एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसकी चर्चा शहर ही नहीं प्रदेशभर में की गई। एमबीए की छात्रा की बेरहमी से हत्या, हत्या के बाद शव से दुष्कर्म करने वाला आरोपी पीयूष धामनोदिया अब सेंट्रल जेल में है। पुलिस चालान पेश करने की तैयारी कर रही है। इधर मामले में रोज नए चौंकाने वाली बातें भी सामने आ रही हैं। आइए जानते हैं, इस पूरे मामले को टाइम लाइन से-

मामला 10 फरवरी 2026 से शुरू होता है। इसी दिन इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में बसे प्रजापत नगर में रहने वाले पीयूष धामनोदिया के किराए के कमरे से युवती का शव बरामद किया गया। युवती उसी के साथ पढ़ती थी। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग की बात भी सामने आ रही है। दरअसल दस फरवरी को बेटी घर से आधार कार्ड के काम का बोलकर निकली थी। फिर दोस्त के बर्थ डे में जाने की बात बताकर देर शाम लौटने का कहा था। पर वह नहीं लौटी। इधर आरोपी पीयूष छात्रा को साथ लेकर अपने कमरे में गया, दोपहर सवा तीन बजे छात्रा के जाने का एक वीडियो भी सामने आया था। 

ये भी पढ़ें- एमबीए छात्रा मर्डर केस- शक और चाहत के साथ नशे की आदत ले गई सलाखों के पीछे
 

 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 4
इंदौर एमबीए छात्रा हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
कैसे बिताए पीयूष ने उस दिन के ढाई घंटे
पीयूष ने पुलिस को बताया कि 10 फरवरी को वह छात्रा के साथ अपने कमरे में गया था। वह उसके साथ संबंध बनाना चाहता था। पहले उसने उसके लिए मैगी बनाई, फिर खुद ने मेडिकल स्टोर से लाई हुई पावर बढ़ाने की टैबलेट खा ली, लेकिन छात्रा ने ये कहकर मना कर दिया कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है। इधर पीयूष पर पागलपन सवार था। उसने जबर्दस्ती की कोशिश की। आखिर में युवती के हाथ-पैर बांधे, मुंह में कपड़ा ठूंसा पर युवती लगातार विरोध करती रही। इस पर पीयूष ने उसके सीने पर बैठकर छात्रा का गला दबाया। इससे छात्रा की सांसें थम गईं। 

पीयूष ने बताया कि जब छात्रा की सांसें थम गईं तो वह कुछ देर शव के पास बैठा रहा। फिर फूटी कोठी की शराब दुकान से बीयर लेकर आया। शव के पास बैठकर पीता रहा। फिर नशे में उसने शव के साथ भी दरिंदगी की। कुछ देर बाद बैग में कपड़े रखे, युवती का मोबाइल लेकर रात 8 बजे कमरे से निकल गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीयूष ने छात्रा के फोन से 11 आपत्तिजनक वीडियो कॉलेज ग्रुप में वायरल कर दिए थे। रिश्तेदारों के फोन पर भी भेजे थे। पीयूष ने हत्या के बाद युवती की उंगली से अंगूठी भी निकाली और अपने पास रख ली। 

ये भी पढ़ें- एमबीए छात्रा की हत्या करने वाला आरोपी बोला- समय आने पर बताऊंगा क्यों की हत्या
 
विज्ञापन

3 of 4
इंदौर एमबीए छात्रा हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
पछतावा हुआ तो लिखा लेटर
हत्या के बाद जब उसका गुस्सा शांत हुआ तो उसे अपने किए पर पछतावा होने लगा। उसने खुद अपने हाथ से लेटर लिखा- मैंने उसकी हत्या की है। मुझे फांसी की सजा दी जाए। इस लेटर को सबूत माना जाए। फिर उसने खुद को बचाने के लिए छात्रा की बहन को मैसेज किए और लिखा कि मैं अब कभी नहीं आऊंगी। इसके बाद वह ताला लगाकर फरार हो गया। वह पकड़ा न जाए, इसलिए अपना मोबाइल रूम पर ही छोड़कर गया था और कई फोटो व मैसेज उसने डिलीट भी कर दिए थे। इधर छात्रा के घर न पहुंचने पर परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज करा दी। अगले दिन पुलिस शक के आधार पर पीयूष के कमरे पर भी पहुंची पर वहां ताला लगा देख लौट गई। दो दिन बाद जब बदबू फैली तो कमरे में लाश होने का खुलासा हुआ। पुलिस को पीयूष का पता नहीं चल रहा था। पर जैसे ही उसने छात्रा का मोबाइल ऑन किया तो पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर ली। उसे 14 फरवरी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया गया। 15 फरवरी को उसे कोर्ट में पेश किया था।

रूम में मिली थीं शराब की खाली बोतलें 
गिरफ्तार करने के बाद पुलिस आरोपी को उसके रूम पर ले गई और घटना का रिक्रिएशन किया। तब तलाशी के दौरान शराब की खाली बोतलें भी मिलीं। आरोपी नशे का आदी हो चुका था और अक्सर तनाव में भी रहता था। परिजनों को उसकी नशा करने की आदत का पता नहीं था। आरोपी ने जांच कर रहे पुलिस अफसरों को बताया कि उसने सरप्राइज गिफ्ट देने के बहाने छात्रा के हाथ-पैर बांधे थे और फिर रस्सी से गला घोंट दिया। पूछताछ से पता चला कि उसने पहले ही छात्रा की हत्या की प्लानिंग की थी। यदि तात्कालिक कारणों से हत्या की गई होती तो वह हत्या के बाद भाग जाता, लेकिन हत्या के बाद उसने अंधेरा होने का इंतजार किया और ताला लगाकर भागा। वह छात्रा का मोबाइल भी अपने साथ ले गया था। फरारी के दौरान उसने कई बार छात्रा की इंस्टा प्रोफाइल देखी और रोता भी था। उसने खुद भी ट्रेन से कटकर आत्महत्या करने के बारे में सोचा था, लेकिन यह कदम वह उठा नहीं पाया। जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर हवालात में रखा था, तब भी वह रात को सोने के बजाय जागा रहता था और हवालात में बंद दूसरे लोगों पर भी अक्सर नाराज होता था और कहता था कि तुम लोगों को यहां नींद कैसे आ रही है।
 
ये भी पढ़ें- एमबीए छात्रा की हत्या से पहले आरोपी ने खाई थी पाॅवर बढ़ाने की गोलियां
 
विज्ञापन

4 of 4
इंदौर एमबीए छात्रा हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
छात्रा का वॉट्सएप हैक कर रखा था
पूछताछ में पता चला है कि आरोपी पीयूष पूरी तरह से युवती पर नियंत्रण चाहता था। उसने उसका वॉट्सएप भी हैक कर रखा था और बार-बार चैटिंग भी पढ़ता था। उसके इस व्यवहार के कारण छात्रा दूसरे चैटिंग ऐप इस्तेमाल करती थी। जिस दिन आरोपी ने उसकी हत्या की, उस दिन दूसरे ऐप पर युवकों की चैटिंग विवाद की वजह बनी। ये भी पता चला कि पीयूष युवती के प्रति अधिक भावनात्मक हो गया था और उस पर शंका करने लगा था। वह दूसरों से बात न करने और उसकी बात सुनने का अक्सर दबाव बनाता था। उसका यह व्यवहार कई बार छात्रा को परेशान भी करता था और अक्सर इसे लेकर दोनों में विवाद भी होते थे। हमने जब इस केस को लेकर मनोवैज्ञानिकों से बात की, तो उनका भी यही कहना था कि अक्सर जिन लोगों में आत्मविश्वास की कमी होती है, वे अपने पार्टनर पर हावी होने की कोशिश करते हैं और क्षणिक आवेश में वे किसी भी हद तक कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। पीयूष की मानसिक स्थिति भी ऐसी ही थी। वह युवती पर नियंत्रण और एकाधिकार चाहता था। वह खुद को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहा था। उसे डर था कि वह अपने पार्टनर को खो देगा। 

एक माह पहले पिता से कराई थी छात्रा की बात
आरोपी के पिता को 9 जनवरी को उसके मोबाइल का एक फोटो देख शंका हुई थी। छात्रा पीयूष के काफी करीब खड़ी थी। इसके बाद पिता ने छात्रा से बात करने की इच्छा जताई थी। पिता ने छात्रा से दूरी बनाने के लिए कहा था और यह भी बोला था कि अभी दोनों के पढ़ने का समय है। पीयूष ने पिता से शादी की बात भी की थी, लेकिन पिता ने कहा था कि पहले तुम्हारी बड़ी बहन की शादी करनी है, इसके बाद तुम्हारी शादी के बारे में सोचेंगे। इस घटना के बाद आरोपी पीयूष से उसके परिजनों ने नाता तोड़ लिया है। पिता बोले कि उनके बेटे ने किसी परिवार की बेटी की जान ली है, हमारे लिए वह मर चुका है। यह केस फास्टट्रैक कोर्ट में चले और पीयूष को फांसी होनी चाहिए। हमने उसे इंदौर भेजा था ताकि वह पढ़-लिखकर अच्छा बने, लेकिन हमें नहीं पता था कि वह दरिंदा बन जाएगा।

ये भी पढ़ें- छात्रा का गला घोंटने से पहले मुंह में कपड़ा ठूंसकर बनाई थी वीडियो

दिमाग बन गया था दुश्मन
मनोरोग विशेषज्ञ मनीष जैन के अनुसार इस केस की परिस्थितियों को देखकर लगता है कि आरोपी पैरानोइया सिंड्रोम से ग्रस्त था। इसमें रोगी दूसरों के प्रति तीव्र और तर्कहीन अविश्वास या संदेह करता है और खुद को भी सामने वाले से खतरा महसूस करता है। दिमाग ही रोगी का दुश्मन बन जाता है। इस अवस्था में अंतर्दृष्टि खो जाती है। कोई भी तर्क या सबूत रोगी को यह विश्वास दिलाने में सक्षम नहीं होता कि वह जो सोच रहा है वह गलत है। लोग मेरे खिलाफ हैं वाली भावना उनकी वास्तविकता का मुख्य हिस्सा बन जाती है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें