दिनेश ने बताया कि उन्होंने 1100 गायों के अन्नकूट का लक्ष्य रखा था मगर पांच गौशाला में 1600 से ज्यादा
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दिनेश ने बताया कि उन्होंने 1100 गायों के अन्नकूट का लक्ष्य रखा था मगर पांच गौशाला की 1600 से ज्यादा गायों को अन्न व फल खिलाए गए। सभी गायों के लिए समान व्यवस्था की गई। अन्नकूट की शुरुआत बुधवार सुबह श्री लक्ष्मी वैंकटेश मंदिर छत्रीबाग से हुई और विद्याधाम, पंचकुईया मोक्ष धाम, श्री राम मंदिर, अहिल्या माता गोशाला में भी गायों के भोज की व्यवस्था की गई। मुख्य आयोजन वेंकटेश मंदिर छत्रीबाग स्थित गोशाला पर किया गया, इसमें माहेश्वरी समाज के गणमान्य समाजजन एवं गोल्ड कॉइन ट्रस्ट के पदाधिकारी के साथ मंदिर के विद्वान पंडितों की उपस्थिति भी रही।
अन्नकूट में गायों को ये चीजें खिलाई गईं
गायों को सेव फल, जामफल, चीकू सहित कई तरह के फल, गेहूं की रोटी, मक्के की रोटी, बाजरे एवं ज्वार की रोटी, भूसा कई प्रकार की सब्जियां जैसे गिलकी, भिंडी, टमाटर, कद्दू, सूखे मेवे, मखाना, काजू, बादाम, पालक, बथुआ, हरा टमाटर, मैथी, गाजर, धनिया विभिन्न प्रकार के हरे चारे, दाल, गुड़ की थूली, चावल, चूरमा, हलवा सहित विभिन्न प्रकार के व्यंजन गायों को खिलाए गए।