दिवाली न सिर्फ प्रकाश का पर्व है बल्कि एक दूसरे की मदद करने का भी दिन है। यह बात इंदौरियों ने एक बार फिर साबित कर दिखाई है। दिवाली से पहले इंदौर की संस्थाओं, संगठनों और रहवासी संघों ने दिल खोलकर मदद की है। कहीं स्वास्थ्य शिविर लगाए गए तो कहीं कपड़े, खाद्य सामग्री और अन्य जरूरत का सामान दिया गया। शहर की विभिन्न बस्तियों, आश्रमों और जरूरत की जगहों पर लोगों ने दिल खोलकर दान दिया। शहर के जनप्रतिनिधियों ने भी इसमें बढ़ चढ़कर भागीदारी दिखाई।
महापौर ने बच्चों के चेहरे पर बिखेरी खुशियां
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बस्ती के बच्चों के साथ दीपावली की खुशियां साझा की। महापौर ने कहा कि डबल डेकर बस में उनकी सवारी और फीनिक्स मॉल में उनकी पसंद के कपड़े पाकर बच्चों की आंखों में जो चमक और दिल में जो खुशी थी, वह शब्दों में बयान करना मुश्किल है। महापौर ने कहा कि बच्चों को दीपावली की असली रौनक तब महसूस होती है जब इसकी खुशियां उन मासूम चेहरों पर मुस्कान बनकर खिलती हैं, जो शायद इसका सपना ही देखते हैं। इस दीपावली हम भी किसी के जीवन में उजाला भरें और इस पर्व की मिठास को उन तक पहुंचाएं जो इसकी सबसे ज्यादा उम्मीद रखते हैं।
मालवमंथन ने स्वास्थ्य पर कार्यक्रम आयोजित किया।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
कई क्षेत्रों में की गई मदद
मप्र एनजीओ महासंघ के शशि सतपुते ने बताया कि अलग अलग संस्थाओं ने दिवाली में खूब सेवा कार्य किए। शहर में स्वास्थ्य, शिक्षा, बुजुर्गों की सेवा, पौधरोपण समेत कई क्षेत्रों में संस्थाएं काम कर रही हैं। सभी ने अपने अपने सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों की मदद की और उनकी दिवाली खुशियों से भरने का प्रयास किया।
स्वास्थ्य का महत्व समझाया
संस्था मालवमंथन ने धनतेरस पर स्वास्थ्य और आयुर्वेद का महत्व समझाते हुए कार्यक्रम आयोजित किया। स्वप्निल व्यास ने बताया कि संस्था औषधीय पौधों को लगाती है और लोगों को इसके लिए प्रोत्साहित करती है।
बुजुर्गों के साथ मनाई दिवाली
सेवा भारती और संजीवनी मानव सेवा के रूपेंद्र जैन चीनू ने बताया कि दिवाली के उपलक्ष्य में कई संस्थाओं ने स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किए। बस्तियों में जाकर जरूरतमंदों को दवाएं वितरित की और एमवाय जैसी जगहों पर भी लोगों ने जरूरी उपकरण दान किए। यश पाराशर ने शहरवासियों को अकेले रहने वाले बुजुर्गों के साथ दिवाली मनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
बच्चों को दिए दिवाली गिफ्ट बाक्स
बस्ती फाउंडेशन की छाया कुशवाहा ने बताया कि उनकी संस्था ने शहरवासियों को बस्तियों में जरूरतमंदों के साथ दिवाली सेलिब्रेट करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस मौके पर पांच बस्तियों में 300 से अधिक बच्चों को दिवाली गिफ्ट बाक्स भी दिए गए। जिसमें मां लक्ष्मी की तस्वीर, दीपक, फटाखे, चाकटेल दी गई।