इंदौर में गणेश चतुर्थी की धूम, घर-घर विराजे भगवान, शहर के प्रमुख मंदिरों में विशेष आयोजन, पुलिस और प्रशासन ने भी किए ट्रैफिक और सुरक्षा के लिए खास इंतजाम
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भगवान गणेश की मूर्तियों को ढोल ढमाकों के साथ पांडालों में ले गए भक्त।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
इंदौर में गणेश चतुर्थी का उत्साह देखते ही बन रहा है। सोमवार से ही शहर के प्रमुख पांडालों में भगवान गणेश की मूर्ति विराजने का सिलसिला शुरू हो गया था। ट्रैफिक और अन्य तैयारियों के चलते कई प्रमुख पांडालों ने सोमवार को ही मूर्तियों को धूमधाम से बैठाया। आज विधिवत इन पांडालों में मूर्तियों की स्थापना होगी। मंगलवार से शुरू हुई गणेश चतुर्थी के लिए शहर के सभी प्रमुख मंदिरों में खास तैयारियां की गई हैं।
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खजराना गणेश मंदिर में भगवान की विशेष साज सज्जा।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
तीन करोड़ के आभूषण से सजे खजराना गणेश
पुजारी पं. अशोक भट्ट ने बताया खजराना गणेश मंदिर में भगवान को तीन करोड़ रुपए के स्वर्ण आभूषण पहनाए गए हैं। इसमें मुकुट, चंद्रिका सहित अन्य स्वर्ण आभूषण शामिल हैं। साथ ही भगवान को मोतियों का चोला भी चढ़ाया गया है। सुबह 9.30 बजे कलेक्टर और मंदिर प्रशासन के अध्यक्ष इलैया राजा टी और प्रशासक हर्षिका सिंह की मौजूदगी में पूजन हुआ और दस दिनी गणेशोत्सव की शुरुआत हुई। भक्त मंडल के अरविंद बागड़ी ने सवा लाख मोदक का भोग लगाया। गणेश चतुर्थी के दौरान दस दिनों तक रोज अलग अलग प्रकाश के लड्डू का भोग लगेगा। प्रसाद भक्तों में विधिवत बांटा जाएगा और पैक करके देने की सुविधा भी रहेगी।
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जुलूस के साथ निकली यात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
बेहद सुंदर मूर्तियों को देखने के लिए उमड़ रही भीड़
शहर के पांडालों में बेहद सुंदर मूर्तियों को देखने के लिए भीड़ उमड़ रही है। गणेशजी कहीं शेषनाग और नंदी पर सवार होकर तो कहीं महाकाल, राजाधिराज स्वरूप में विराजे हैं। सोमवार रातभर शहर के पांडालों में तैयारियां चलती रहीं।
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भगवान को रेनकोट पहनाया गया।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
सबसे बड़े गणेश को 41 किलो घी सिंदूर का चोला
बड़ा गणपति स्थित बड़े गणपति मंदिर में गणेशोत्सव के लिए 25 फीट ऊंची और 14 फीट चौड़ी गणेशजी की मूर्ति को 11 दिनों में चोला चढ़ाया गया। सवा मन (करीब 41 किलो घी - सिंदूर) से चोला चढ़ा। साथ ही विशेष शृंगार किया गया। मंदिर के प्रमुख पुजारी पं. धनेश्वर दाधीच ने बताया बड़े गणपति की मूर्ति की स्थापना पं. नारायण दाधीच द्वारा 1901 में की गई थी।
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भगवान की विशाल मूर्ति को क्रेन की मदद से उठाया गया।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
मुंबई से बुलवाई राजा आकृति की मूर्ति
पालदा में राजा स्वरूप में गणेशजी विराजित किए गए हैं। मालवा कला अकादमी के अध्यक्ष मनोज वर्मा ने बताया गणेशजी की 21 फीट ऊंची मूर्ति विराजित की गई है। यह मुंबई से बनकर आ रही है। आयोजन के लिए 80 फीट चौड़ा, 60 फीट लंबा और 31 फीट ऊंचा पंडाल बनाया गया है। यहां पर भक्तों के द्वारा 36 साल से उत्सव मनाया जा रहा है।
सिलावटपुरा में 56 भोग लगाए जाएंगे
सिलावटपुरा स्थित श्री तेजेश्वर चिंतामण गणपति मंदिर में 11 हजार लड्डुओं का प्रसाद वितरण किया जाएगा। गणेश चतुर्थी पर महल में भगवान विराजमान होंगे। कबीर भवानीशंकर राठौर ने बताया दर्शन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। जून इंदौर स्थित नारियल वाले गणेश मंदिर में गणेशोत्सव की शुरुआत हुई। प्रतिदिन शाम को महाआरती की जाएगी। साथ ही प्रसाद वितरण होगा।
नंदानगर में विराजे बेलूर के गणेशजी
नंदानगर गोल स्कूल में भी खास तैयारियां की गई हैं। यहां आयोजन प्रमुख रमेश मेंदोला ने बताया 60 बाय 51 फीट में प्रतिकृति बनाई गई है। पश्चिम बंगाल के बेलूर मठ मंदिर की प्रतिकृति में यहां गणेशजी विराजे हैं। इसमें नंदानगर के राजा की 15 फीट की मूर्ति स्थापित होगी। यह आयोजन का 41वां वर्ष है। 10 दिनी गणेश उत्सव में प्रतिदिन नंदानगर के राजा की आरती होगी।
खजराना मंदिर में पूजा करते कलेक्टर और कमिश्नर।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
गणेश चतुर्थी के अवसर पर इंदौर कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने श्री गणेश मंदिर खजराना में सपरिवार पूजन-अर्चन किया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त हर्षिका सिंह भी मौजूद थीं।