फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP News: पठान के गीत 'बेशरम रंग' में बदलावों से नरोत्तम मिश्रा खुश, बोले- रियल लाइफ पर होता है असर

Thu, 29 Dec 2022 04:10 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर

सार

फिल्म पठान के गीत 'बेशरम रंग' में बदलावों की पैरवी करने वाले मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा सेंसर बोर्ड की कवायद से खुश हैं। उन्होंने कहा कि रील लाइफ का रियल लाइफ पर असर पड़ता है। 
 
विज्ञापन
1 of 3
पठान फिल्म के गाने बेशर्म रंग पर डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। - फोटो : सोशल मीडिया
शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की आगामी फिल्म पठान रिलीज से पहले ही विवादों में है। बेशरम रंग गीत रिलीज होते ही लोगों के निशाने पर आ गया था। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने तो प्रदेश में फिल्म को रिलीज करने की अनुमति देने पर विचार करने की बात कहकर चेतावनी ही दे दी थी। अब सेंसर बोर्ड ने फिल्म और बेशरम रंग गीत में कुछ बदलाव सुझाए हैं। इससे मिश्रा खुश हैं। 

सेंसर बोर्ड की ओर से फिल्म और गाने में सुझाए गए कट्स पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह निर्णय सराहनीय है। जब यह मामला मेरे सामने आया था तो मैंने कहा था कि दूषित मानसिकता के जरिए लोगों की भावनाओं को आहत करने का प्रयास है। रील लाइफ भी रियल लाइफ पर असर डालती है। इस बात को कलाकार और निर्माता को ध्यान में रखना चाहिए।
विज्ञापन

2 of 3
Pathaan Besharam Rang - फोटो : social media
नरोत्तम मिश्रा ने ही उठाए थे सवाल
बेशरम रंग गीत के पोस्टर में भगवा रंग की बिकिनी में दीपिका पादुकोण नजर आ रही है। इसे लेकर विवाद हो गया था। मिश्रा ने कहा था कि बदलाव नहीं हुए तो फिल्म को रिलीज करने की अनुमति देने पर विचार किया जाएगा। इसी तरह के बयान अन्य नेताओं ने भी दिए थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 3
Besharam Rang Song - फोटो : social media
सेंसर बोर्ड ने सुझाए हैं कुछ कट्स
सेंसर बोर्ड के सूत्रों के अनुसार पठान फिल्म का हाल ही में सर्टिफिकेशन किया गया था। सेंसर बोर्ड की एग्जामिनेशन कमेटी ने फिल्म के मेकर्स को कुछ कट्स का सुझाव दिया है। ज्यादातर बदलाव फिल्म के गाने बेशरम रंग को लेकर हैं। कमेटी द्वारा पठान फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज करने से पहले रिवाइज्ड वर्जन भी जमा करने का आदेश दिया है। सेंसर बोर्ड के मुताबिक क्रिएटिव एक्सप्रेशंस और लोगों की संवेदनशीलता के बीच तालमेल बनाना जरूरी है। जब तक दिए हुए सुझावों पर फिल्म में बदलाव किए जाएंगे, तभी तक हमारी संस्कृति, भरोसा गौरवशाली, जटिल बना हुआ है। हालांकि, जो बदलाव सुझाए हैं, वह तो फिल्म की रिलीज के बाद ही सामने आएंगे।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें