राजगढ़ जिले में पुलिस ने एक वृद्ध का अंतिम संस्कार कर मानवता की मिसाल पेश की। जिला अस्पताल के बाहर भीख मांगकर गुजारा करने वाले वृद्ध का शव लेने से परिजनों ने इंकार कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने बेटे का फर्ज निभाया।
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वृद्ध के अंतिम संस्कार की तैयारियां करते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
राजगढ़ जिले में पुलिसकर्मियों ने एक बेटा बन कर वृद्ध का अंतिम संस्कार किया और आम लोगों के सामने मानवता की मिसाल पेश की। रविवार को जिला अस्पताल में एक 83 वर्षीय वृद्ध की मौत हो गई थी।
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शमशान घाट में मौजूद पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने वृद्ध के परिजनों को मौत की सूचना दी जिसपर वृद्ध के परिजनों ने शव लेने आने से इंकार कर दिया। राजगढ़ कोतवाली के थाना प्रभारी उमेश यादव व अन्य पुलिसकर्मियों ने बेटे का फर्ज निभाते हुए वृद्ध का हिंदू रीति रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार कराया। पुलिस के इस काम ने आम लोगों का दिल छू लिया।
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वृद्ध का अंतिम संस्कार कर पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश की
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार मृतक नारूजी सोंध्या खेड़ी कुशलपुरा का रहने वाला था जो कि कुछ समय पहले अपना गांव छोड़कर राजगढ़ में आ गया था। वह जिला अस्पताल के आसपास भीख मांगकर अपना गुजारा करता था। रविवार को उसका शव जिला अस्पताल के परिसर में पुलिस को मिला।
वृद्ध के पास से मिले आधार कार्ड पर लिखे पते पर पुलिस ने वृद्ध के परिजनों को सूचना दी, लेकिन परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। पुलिस ने मानवता दिखाई और वृद्ध के अंतिम संस्कार की तैयारियां की। पुलिसकर्मी खुद वृद्ध के शव को कंधा देते हुए शमशान घाट लेकर गए और अंतिम संस्कार किया। पुलिस के इस कार्य की हर तरफ सराहना हो रही है।